PM मोदी ने राजस्थान से ₹1.22 लाख करोड़ की योजनाओं का दिया तोहफा, बांसवाड़ा में किया न्यूक्लियर पावर प्रोजेक्ट का शिलान्यास: 3 वंदे भारत ट्रेनों को भी दिखाई हरी झंडी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुरुवार (25 सितंबर 2025) को राजस्थान के बांसवाड़ा शहर पहुँचे। यहाँ पीएम मोदी ने राजस्थान को पानी, सड़क, स्वास्थ्य और ऊर्जा से जुड़ी ₹1,22,670 करोड़ की परियोजनाओं की सौगात दी। प्रधानमंत्री ने जोधपुर और बीकानेर से दिल्ली कैंट तक चलने वाली तीन नई वंदे भारत ट्रेन को भी हरी झंडी दिखाई।

इसके अलावा पीएम मोदी ने 15,000 युवाओं को नियुक्ति पत्र भी बाँटे, इनमें प्रतीकात्मक तौर पर समारोह में सिर्फ दो युवकों नियुक्ति पत्र सौंपे। पीएम मोदी ने प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान (कुसुम) योजना का भी उद्घाटन किया और उनके लाभार्थियों से बात भी की। इस योजना के तहत सरकार किसानों को रियायती दरों पर सोलर पंप और सौर ऊर्जा आधारित उपकरण खरीदने के लिए आर्थिक सहायता देगी।

इस दौरान पीएम नरेंद्र मोदी ने नापला की जनता को भी संबोधित किया। पीएम मोदी ने संबोधन की शुरुआत माँ त्रिपुरा सुंदरी और माँ माही को नमन कर किया। पीएम ने जनजातीय समाज के लोगों का शौर्य का प्रतीक बताया और कहा कि बीजेपी इस समाज के साथ है। पीएम ने कहा कि बीजेपी के प्रयास से ही आज जनजातीय परिवार की बेटी द्रौपदी मुर्मू राष्ट्रपति बनी हैं।

कॉन्ग्रेस पर निशाना साधते हुए पीएम ने कहा कि कॉन्ग्रेस सरकार में राजस्थान पेपर लीक का सेंटर बन गया था। पीएम मोदी ने कहा, “कॉन्ग्रेस ने राजस्थान को जख्म दिया। जल जीवन मिशन को भी भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गया था। महिलाओं पर अत्याचार चरम पर था। बलात्कारियों को संरक्षण दिया जा रहा था। बांसवाड़ा में अवैध शराब कारोबार खूब पनपा।”

बिजली संकट पर पीएम मोदी ने कहा, “बिजली है तो दुनिया हमारे पास है, लेकिन हमारे देश में कॉन्ग्रेस की सरकारों ने बिजली के महत्व पर ध्यान ही नहीं दिया। 2014 में जब मुझे सेवा का मौका दिया और दायित्व संभाला तब देश के ढाई करोड़ घर ऐसे थे, जहाँ बिजली का कनेक्शन नहीं ​था।”

पीएम ने आगे कहा, “आजादी के 70 साल बाद भी बिजली नहीं थी। गाँवों में पोल तक नहीं थे। गाँवों में तो 4 से 5 घंटे बिजली आ जाए तो बड़ी बात हो जाती है। लोग चुटकला सुनाते थे कि हमारे यहाँ बिजली गई ये न्यूज नहीं थी, बिजली आई ये न्यूज थी। हमारे यहाँ 1 घंटे बिजली आई इसका चुटकला सुनाते थे।”