पाकिस्तान में सक्रिय आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के एक कमांडर ने पहली बार सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया है कि पिछले तीन से चार वर्षों में पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में संगठन के 30 से अधिक आतंकवादी मारे गए हैं।
कमांडर ने दावा किया कि इन हत्याओं को भारत के लिए काम करने वाले ‘अज्ञात बंदूकधारियों’ ने अंजाम दिया। यह दावा लश्कर-ए-तैयबा के कमांडर रिजवान हनीफ ने एक भाषण के दौरान किया, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
Lashkar-E-Taiba's First Ever Explosive Admission 🔥🔥🔥
— OsintTV 📺 (@OsintTV) August 3, 2026
Lashkar-e-Taiba/JKUM terrorist Rizwan Hanif openly admits that more than 30 members of the outfit were eliminated by unknown gunmen (Indian agents), across Peshawar, Karachi, Rawalpindi, Rawalakot and Muzaffarabad over the… pic.twitter.com/gXr0jIeYmH
रिपोर्ट्स के अनुसार, हनीफ पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में लश्कर-ए-तैयबा का डिप्टी चीफ है और सीमा पार घुसपैठ, आतंकियों की भर्ती, हथियार व अन्य संसाधनों की व्यवस्था तथा पीपुल्स एंटी-फासिस्ट फ्रंट (PAFF) जैसे संगठन के सहयोगी नेटवर्क के साथ समन्वय में उसकी अहम भूमिका मानी जाती है।
चुन-चुनकर की गई हत्या का किया दावा
अपने भाषण के दौरान रिजवान हनीफ ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में पेशावर, कराची, रावलपिंडी, रावलाकोट और मुजफ्फराबाद समेत कई शहरों में लश्कर-ए-तैयबा के 30 से अधिक ऑपरेटिव्स मारे गए हैं। उनसने आरोप लगाया कि इन हत्याओं को भारत की खुफिया एजेंसी से जुड़े ‘अज्ञात बंदूकधारियों’ ने अंजाम दिया।
हालाँकि यह आरोप लगाने के बावजूद हनीफ ने भारत को इन हत्याओं से जोड़ने वाला कोई सबूत पेश नहीं किया और न ही हमलावरों की पहचान बताई। हनीफ ने इन मौतों के लिए भारत को जिम्मेदार ठहराने की कोशिश की, लेकिन अपने आरोपों के समर्थन में कोई सत्यापित या ठोस साक्ष्य नहीं दिया।
इसके बावजूद पिछले कुछ वर्षों में लश्कर-ए-तैयबा के दर्जनों सदस्यों के मारे जाने का उसका कबूलनामा इस आतंकी संगठन के किसी वरिष्ठ पदाधिकारी द्वारा पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में संगठन को हुए नुकसान को लेकर अब तक का सबसे स्पष्ट सार्वजनिक कबूलनामों में से एक माना जा रहा है।
हिंदुओं पर आपत्तिजनक टिप्पणी, आंतरिक संकट के बीच आया बयान
लश्कर-ए-तैयबा के ऑपरेटिव्स की मौत का जिक्र करते हुए हनीफ ने हिंदू धर्म को लेकर भी आपत्तिजनक टिप्पणी की। उसने हिंदुओं के लिए ‘गाय की पूजा करने वाले’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया। यह टिप्पणी भी उसी भाषण का हिस्सा थी, जिसमें उसने इन हत्याओं के पीछे भारत का हाथ होने का आरोप लगाया।
हनीफ का यह बयान ऐसे समय में सामने आया है, जब पाकिस्तान कई आंतरिक सुरक्षा चुनौतियों से जूझ रहा है। देश में बलूचिस्तान में उग्रवादी हिंसा जारी है, पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में विरोध-प्रदर्शन और राजनीतिक अस्थिरता बनी हुई है, जबकि अफगानिस्तान सीमा पर भी समय-समय पर झड़पें होती रही हैं।

