जिस मोनू खान के लिए हिंदू लड़की बनी समीरा, उसकी प्रताड़ना से तंग आकर लगा ली फाँसी: पीड़ित परिजन बोले- बहन बनाकर करीब आया, फिर निकाह किया

मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले की बड़नगर तहसील में एक हिंदू महिला की मौत के बाद बड़ा विरोध प्रदर्शन हुआ है। महिला ने कथित तौर पर फाँसी लगाकर जान दे दी। महिला के परिवार ने इसे हत्या बताया है। उन्होंने आरोप लगाया कि एक मुस्लिम युवक मोनू खान ने उसे ‘लव जिहाद’ के जाल में फँसाया और प्रताड़ित किया।

पुलिस ने इस मामले में केस दर्ज कर लिया है और पाँच लोगों (मोनू खां, सोनू खां, गुड्डू खां, शहनाज बी और तबस्सुम खां) को आरोपित बनाया है। दो आरोपितों को हिरासत में भी लिया गया है। हिंदूवादी संगठनों के विरोध प्रदर्शन के बीच, प्रशासन ने मुख्य आरोपित मोनू खां के अवैध मकान पर बुलडोजर चलाकर उसे ढहा दिया है। यह मामला ‘लव जिहाद‘ और धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम की धाराओं में दर्ज हुआ है।

कैसे रची गई साजिश?

जानकारी के अनुसार, बड़नगर की रहने वाली शैलू की शादी चार साल पहले हिंदू रीति-रिवाज से हुई थी। गुलाबपुरा गाँव का रहने वाला मोनू खां उससे मिलने जाता था। मोनू ने पहले शैलू को अपनी मुँहबोली बहन बनाया। दो साल पहले मोनू खां ने शैलू को बहला-फुसलाकर उससे निकाह कर लिया। शादी के बाद उसने ‘शैलू’ का नाम बदलकर ‘समीरा’ कर दिया। दोनों जोधपुर में रहने लगे और कुछ महीने पहले ही बड़नगर आए थे।

शैलू उर्फ समीरा लगातार अपने परिजनों के संपर्क में थी। शैलू परिजनों को बताती थी कि मोनू उसके साथ मारपीट करता है और तंग करता है। उसे मुस्लिम रीति-रिवाज से रहने के लिए मजबूर किया जाता था। मृतका के भाई ने बताया कि शैलू बुर्के में रहती थी। शैलू को बिना बुर्का पहने बाहर जाने और मंदिर जाने की इजाजत नहीं थी। परिजनों को सूचना मिली कि शैलू की मौत फाँसी लगाने से हुई है।