इजरायली सेना ने बुधवार (1 अक्टूबर 2025) को गाजा की तरफ बढ़ रहे एक बड़े समुद्री काफिले (फ़्लोटिला) को रोक दिया। यह काफिला फिलिस्तीन का समर्थन करने वाला था। इसमें दुनिया की मशहूर जलवायु एक्टिविस्ट ग्रेटा थनबर्ग और 500 से ज्यादा लोग शामिल थे।
इन जहाजों पर मानवीय सहायता का सामान भी था। इजरायल ने साफ कह दिया था कि वह समुद्र की घेराबंदी नहीं टूटने देगा। इजरायली अधिकारियों ने बताया है कि काफिले में सवार सभी यात्री सुरक्षित हैं।
कैसे रोका गया यह काफिला?
इजरायल के विदेश मंत्रालय ने जानकारी दी। उन्होंने बताया कि फ़्लोटिला के कई जहाजों को सुरक्षित तरीके से रोका गया। सभी यात्रियों को इजरायली बंदरगाह पर लाया जा रहा है। इजरायली नौसेना ने यह कार्रवाई अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में की। यह जगह गाजा से लगभग 75 मील दूर थी।
एक्टिविस्ट्स ने बताया कि यह इलाका इजरायल द्वारा ‘खतरे वाला क्षेत्र’ बताया गया था। इस काफिले में करीब 40 नागरिक जहाज और 500 लोग थे। इनमें सांसद, वकील और अभिनेता सुसान सारंडन जैसी हस्तियाँ भी शामिल थीं।
Already several vessels of the Hamas-Sumud flotilla have been safely stopped and their passengers are being transferred to an Israeli port.
— Israel Foreign Ministry (@IsraelMFA) October 1, 2025
Greta and her friends are safe and healthy. pic.twitter.com/PA1ezier9s
ग्रेटा थनबर्ग का आरोप
स्वीडिश एक्टिविस्ट ग्रेटा थनबर्ग इस काफिले में आगे थीं। इजरायली ने जो वीडियो जारी किया, उसमें ग्रेटा फिलिस्तीन समर्थक टी-शर्ट पहने दिखीं। इजरायली द्वारा रोके जाने के बाद, ग्रेटा ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट किया।
ग्रेटा ने इजरायली सेना पर उन्हें अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में ‘किडनैप’ करने का आरोप लगाया। माना जा रहा है कि ग्रेटा को पता था कि इजरायल उन्हें गाजा नहीं जाने देगा, लेकिन वह दुनिया का ध्यान खींचने के लिए ही पूरी तैयारी से गई थीं।

