‘विश्व का ग्रोथ इंजन बना भारत’: IMF की मैनेजिंग डायरेक्टर ने की सराहना, कहा- संदेह करने वालों को देश की आर्थिक नीतियों ने गलत साबित किया

अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) की प्रबंध निदेशक क्रिस्टालिना जॉर्जीवा ने भारत की अर्थव्यवस्था और सुधारों की जमकर तारीफ की है। उन्होंने कहा कि संरचनात्मक सुधारों (Structural Reforms) को लेकर भारत ने सबको चौंका दिया है और अब वह वैश्विक आर्थिक विकास (Global Economic Growth) का एक प्रमुख इंजन बन गया है।

जॉर्जीवा ने यह बातें वॉशिंगटन में होने वाली IMF-विश्व बैंक की सालाना बैठकों से पहले कही। उन्होंने बताया कि महामारी से पहले वैश्विक विकास दर 3.7% थी, जो अब घटकर करीब 3% रहने का अनुमान है। उन्होंने कहा कि जहाँ चीन की आर्थिक रफ्तार धीमी पड़ रही है, वहीं भारत तेजी से आगे बढ़ रहा है और दुनिया की आर्थिक वृद्धि को गति दे रहा है।

IMF प्रमुख ने भारत के डिजिटल सुधारों की विशेष रूप से सराहना की। उन्होंने कहा, “मैं भारत के बोल्ड सुधारों के साहस की वजह से बहुत उत्साहित हूँ। उदाहरण के लिए, सभी ने भारत से कहा था कि बड़े पैमाने पर डिजिटल पहचान संभव नहीं है… लेकिन भारत ने उन्हें गलत साबित कर दिया,”

जॉर्जीवा ने यह भी कहा कि दुनिया की अर्थव्यवस्था ने हाल के वर्षों में कई झटकों का सामना किया है, जैसे नीतिगत बदलाव, टैरिफ (शुल्क) और वैश्विक तनाव। हालाँकि, उन्होंने माना कि बेहतर नीतियों, निजी क्षेत्र की अनुकूलन क्षमता और वित्तीय परिस्थितियों में सुधार के कारण दुनिया की अर्थव्यवस्था अब स्थिर हो रही है।

उन्होंने बताया कि अमेरिका में टैरिफ दरें अप्रैल में 23% से घटकर अब 17.5% हो गई हैं, लेकिन प्रभावी टैरिफ दर अभी भी लगभग 10% है, जो बाकी दुनिया से काफी ज्यादा है। जॉर्जीवा ने चेतावनी दी कि इन टैरिफ का पूरा असर अभी सामने आना बाकी है।

व‍िश्‍व बैंक ने बढ़ाया ग्रोथ का अनुमान

भारत की बढ़ती आर्थिक ताकत को लेकर विश्व बैंक ने भी हाल ही में भारत की GDP ग्रोथ दर का अनुमान 6.3% से बढ़ाकर 6.5% (वित्त वर्ष 2025-26) कर दिया है। इससे पहले अप्रैल-जून तिमाही में भारत की GDP ग्रोथ 7.8% पर पहुँच गई थी, जो पाँच तिमाहियों में सबसे ऊँचा स्तर है।

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने भी 2025-26 के लिए ग्रोथ अनुमान बढ़ाकर 6.8% कर दिया है। उन्होंने कहा कि GST जैसे विकास-उन्मुख सुधार भारत को बाहरी आर्थिक चुनौतियों से निपटने में मदद कर रहे हैं और ये सुधार अर्थव्यवस्था को और मजबूत बना रहे हैं।