‘मदरसों में राष्ट्रवाद को बढ़ावा देने की है जरूरत’: मौलाना भी कर रहे अब UCC लागू करने की माँग, कहाँ- माहौल बिगाड़ने के लिए विदेशी फंडिंग का होता है इस्तेमाल

यूपी के मौलाना अबरार जमाल ने देशभर में यूनिफॉर्म सिविल कोड यानी यूसीसी लागू करने की माँग की है। वे जमीयत हिमायतुल इस्लाम के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं। उनका मानना है कि राष्ट्रवाद के साथ आधुनिक शिक्षा देश के युवाओं के लिए बेहद जरूरी है।

उन्होने कहा कि मदरसों को अब मजहबी शिक्षा तक खुद को सीमित नहीं रखना चाहिए, बल्कि रोजगार उन्मुख आधुनिक शिक्षा की तालीम भी देनी चाहिए ताकि छात्र राष्ट्र निर्माण और समाज में अपना योगदान दे सके। उन्होने कहा कि उनका संगठन शुरू से ही यूसीसी का समर्थन करता है, क्योंकि देश को इसकी जरूरत है।

उत्तराखंड में यूसीसी लागू किए जाने का समर्थन करते हुए उन्होंने माँग की कि यूपी में भी सीएम योगी इसे जल्द से जल्द लागू करें। प्रख्यात लेखिका तस्लीमा नसरीन ने मदरसों को बंद करने की बात कही थी, उस पर टिप्पणी करते हुए मौलाना कारी अबरार जमाल ने कहा कि इन्हें बंद करने के बजाय इन्हें आधुनिक बनाया जाए। इसमें बदलाव की जरूरत हैं, ताकि अमन, मोहब्बत और राष्ट्रभक्ति का संदेश यहाँ से जाए। इससे देश का माहौल सकारात्मक और बेहतर होगा। उन्होंने इस बात से इनकार किया कि मदरसों में आतंकवाद सिखाया जाता है।

गालीबाजों को माफ करने पर बोले मौलाना

जंतर मंतर पर छात्रों के आंदोलन के दौरान कुछ प्रदर्शनकारियों ने पीएम मोदी और उनकी माँ को गालियाँ दी थी। इनलोगों ने आपत्तिजनक पोस्टर-बैनर लहराए थे। इनलोगों को पीएम मोदी ने माफी कर दिया। इस पर मौलाना ने कहा कि पीएम मोदी ने बच्चों को माफ कर बड़ा दिल दिखाया। यह उनके लोकतांत्रिक सोच का परिचायक है। लोकतंत्र में मतभेद और विरोध जायज है, लेकिन व्यक्ति विशेष खास तौर पर प्रधानमंत्री और उनके परिवार को लेकर अभद्र भाषा का इस्तेमाल निंदनीय है।

उन्होंने धर्मेन्द्र प्रधान के इस्तीफे की प्रशंसा की और कहा कि उन्होंने राष्ट्रहित को आगे रखा और बड़ा कदम उठाया। उन्होंने जनता से आह्वान किया कि लोकतंत्र में विरोध करना संवैधानिक अधिकार है, लेकिन विरोध के नाम पर राष्ट्रहित से समझौता नहीं किया जा सकता। देश को अस्थिर करने वालों को पहचानना जरूरी है।

मौलाना ने आरोप लगाया कि कुछ संगठन विदेशी ताकतों के प्रभाव में आकर देश का माहौल बिगाड़ने में लगे हैं। उन्होंने दावा किया कि इनमें से कुछ ग्रुप को विदेशी फंडिंग होती है और ये देश को अस्थिर करना चाहते हैं।

हलाला, तीन तलाक मुस्लिम महिलाओं के खिलाफ अन्याय

मौलाना कारी अबरार ने कहा कि हलाला और तीन तलाक के जरिए मुस्लिम महिलाओं के साथ कई बार अन्याय होता था। यूसीसी लागू होने से महिलाओं को इससे पूरी तरह निजात मिलेगी और सभी नागरिक को समान अधिकार प्राप्त होंगे। उन्होंने कहा कि देश में यूसीसी लागू होना ही चाहिए, ताकि हर नागरिक कानून के सामने हर तरह से बराबर हो। वह खुद को सुरक्षित और सम्मानित महसूस कर सके।