‘धक्का दिया, बाल खींचे, थप्पड़ मारे’: ममता राज में TMC नेता की गुंडागर्दी, महिला डॉक्टर को दी रेप की धमकी, शेख हसीबुल और होम गार्ड शेख बाबूलाल गिरफ्तार

कोलकाता के हावड़ा के उलुबेरिया में एक महिला डॉक्टर पर हमला हुआ है। इस मामले में तृणमूल कॉन्ग्रेस (TMC) के एक स्थानीय नेता और एक होम गार्ड को गिरफ्तार किया गया है। दोनों पर डॉक्टर के साथ मारपीट करने और रेप की धमकी देने का आरोप है।

जानकारी के अनुसार, यह घटना उलुबेरिया के सरकारी अस्पताल में हुई। गिरफ्तार हुए लोगों में TMC नेता शेख हसीबुल और होम गार्ड शेख बाबूलाल शामिल हैं। मरीज के इलाज को लेकर हुए झगड़े के बाद TMC गुंडों ने डॉक्टर पर हमला किया।

TMC नेता की महिला डॉक्टर को धमकी

यह घटना सरकारी अस्पताल में हुई। एक गर्भवती महिला के इलाज को लेकर झगड़ा शुरू हुआ। महिला डॉक्टर ने मरीज के परिवार को बताया कि सीनियर डॉक्टर शाम 6 बजे के बाद ही मरीज को देखेंगे। यह सुनकर मरीज के रिश्तेदार और TMC नेता गुस्से में आ गए।

डॉक्टर का आरोप है कि TMC नेता और उनके साथियों ने उन्हें धक्का दिया, बाल खींचे और थप्पड़ मारे। शिकायत के मुताबिक, आरोपित ने डॉक्टर को धमकी दी कि अगर वह अस्पताल से बाहर निकली तो उसका रेप कर देंगे। होम गार्ड ने खुद को पुलिसवाला बताकर डॉक्टर को डराया।

सीसीटीवी फुटेज के आधार पर गिरफ्तारी

महिला डॉक्टर की शिकायत के बाद पुलिस ने तुरंत एक्शन लिया। पुलिस ने रात में ही कार्रवाई शुरू कर दी और अस्पताल के CCTV फुटेज की जाँच की। फुटेज देखने के बाद होम गार्ड शेख बाबूलाल और TMC नेता शेख हसीबुल को गिरफ्तार कर लिया गया। दोनों आरोपितों को कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट ने उन्हें तीन दिन के लिए पुलिस रिमांड में भेज दिया है। पुलिस ने पूछताछ के लिए तीन और लोगों को भी पकड़ा है।

डॉक्टर ने यह भी बताया कि जब हमला हुआ, तब अस्पताल में कोई सुरक्षा गार्ड मौजूद नहीं था। इस घटना से पश्चिम बंगाल में डॉक्टरों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। वेस्ट बंगाल जूनियर डॉक्टर्स फोरम जैसे कई बड़े डॉक्टर संगठनों ने इस हमले को बहुत बुरा बताया है।

इस मामले ने महिला डॉक्टरों के काम करने की जगह (अस्पताल) पर उनकी सुरक्षा को लेकर बड़ी चिंता पैदा कर दी है। भाजपा पार्टी ने भी कोर्ट के बाहर प्रदर्शन किया और माँग की कि आरोपितों को कड़ी से कड़ी सज़ा मिलनी चाहिए।

अस्पताल के मैनेजमेंट ने कहा है कि वे अब सुरक्षा बढ़ाएँगे और अस्पताल में और सीसीटीवी कैमरे लगवाएँगे। यह घटना दिखाती है कि TMC गुंडों के आगे ना केवल आम जनता बेबस है, बल्कि सरकारी कर्मचारियों तक को मुश्किलों का सामना करना पड़ता है।