कॉन्ग्रेस ने खचाखच भरी ट्रेनें दिखाकर 12000 ट्रेन चलाए जाने पर उठाए सवाल, रेल मंत्रालय-PIB ने किया फैक्ट-चेक: कहा- पुरानी वीडियो है, झाँसे में न आएँ

हाल ही में कॉन्ग्रेस ने अपने ऑनलाइन प्रोपेगेंडा का नया एपिसोड लॉन्च कर दिया। इस बार भारतीय रेलवे को निशाना बनाया गया। कॉन्ग्रेस ने सोशल मीडिया पर कुछ वीडियो पोस्ट किए, जिसमें दिखाया गया कि त्योहारी सीजन में यात्रियों की हालत बेहद खराब है।

वीडियो में ट्रेनें इतनी खचाखच भरी हुई दिखीं कि दरवाजे पर लोग लटके हैं, ऐसा दिखाया गया कि ट्रेन में सीट नहीं है। साथ में तंज कसा कि मोदी सरकार में यात्रियों की हालत खराब हो गई है। लेकिन इस वीडियो की असलियत कुछ और ही थी।

कॉन्ग्रेस की इस वीडियो पर रेल मंत्रालय ने करारा जवाब दिया। रेल मंत्रालय ने लिखा, “महोदय/महोदया कृपया पुरानी फुटेज शेयर करके रेल यात्रियों को भ्रमित न करें।” यानि कॉन्ग्रेस ने पुरानी वीडियो उठाई और नया बनाकर पेश की, जिससे लोगों को भ्रमित किया जा सके।

लेकिन बात यहीं खत्म नहीं हुई। सरकारी झूठ-सच का पोल खोलने वाली एजेंसी PIB ने भी कॉन्ग्रेस के इस पोस्ट का फैक्ट-चेक कर डाला। PIB ने भी इस वीडियो को पुराना बताया। PIB ने लिखा, “कॉन्ग्रेस द्वारा एक वीडियो में कुछ पुरानी फुटेज का इस्तेमाल कर भारतीय रेलवे द्वारा चलाए जा रहे 12000 विशेष ट्रेनों को लेकर भ्रम फैलाने की कोशिश की जा रही है।”

PIB ने लोगों को आगाह करते हुए लिखा, “ऐसे किसी वीडियो के झाँसे में न आएँ। इन पुराने फुटेज को वर्तमान संदर्भ में साझा कर डर का माहौल बनाया जा रहा है।”

त्योहारों के सीजन में जब देश एकता और खुशी के रंग में डूबा होता है, तब कॉन्ग्रेस सोशल मीडिया पर झूठी खबरें फैलाने में लगी है। यह कोई पहली बार नहीं है, आए दिन कॉन्ग्रेस इकोसिस्टम दिवाली पर अपने नए-नए प्रोपेगेंडा फैलाने में लगा हुआ है। इससे साफ है कि सरकार का विरोध करने के चक्कर में कॉन्ग्रेस अब उस हालत में पहुँच गई है, जहाँ सच दिखाने से ज्यादा उसे वायरल झूठ फैलाने में मजा आता है। पर जनता अब समझदार है।