ISIS आतंकी ने पहले वर्दी पहनकर ली शपथ, फिर Videos सीरिया हैंडलर को भेजा: लैपटॉप-फोन से मिली चैट्स से हुए कई खुलासे, पुलिस ने बताया- दिल्ली के मॉल में धमाके की थी साजिश

दिल्ली पुलिस ने राजधानी में एक बड़ा आतंकी हमला होने से पहले ही रोक लिया। पुलिस ने ISIS से जुड़े दो आतंकियों को गिरफ्तार किया है। इनमें से एक मोहम्मद अदनान खान उर्फ अबू मुहरिब पहले भी UAPA के तहत जेल जा चुका था और जमानत पर बाहर आने के बाद फिर से आतंकी गतिविधियों में शामिल हो गया था। उसने ISIS की शपथ ली थी, दिवाली पर मॉल में धमाका करने की योजना बनाई थी और सोशल मीडिया पर चरमपंथी प्रचार करता था।

ISIS के लिए निष्ठा की शपथ और नया नाम

जानकारी के अनुसार, जाँच में सामने आया कि अदनान ने आतंकी संगठन ISIS की शपथ ली थी। यह शपथ ‘Bayah’ कहलाती है। इस प्रक्रिया में आतंकी संगठन का सदस्य अपने ‘खलीफा’ या कमांडर के प्रति वफादारी की कसमें खाता है। अदनान ने ISIS की वर्दी पहनकर यह शपथ ली और उसकी तस्वीर अपने विदेशी हैंडलर को सीरिया भेजी। शपथ के बाद उसे नया कोड नाम ‘अबू मुहरिब’ दिया गया।

सोशल मीडिया से बना कट्टरपंथी

अदनान सोशल मीडिया के जरिए ISIS के संपर्क में आया। वह धीरे-धीरे कट्टरपंथी सोच से प्रभावित हुआ। फिर उसने ऑनलाइन आतंकियों से बात करनी शुरू की और विदेशी हैंडलरों के संपर्क में आ गया। अदनान के फोन और लैपटॉप से कई खतरनाक चैट्स, फोटो और वीडियो मिले हैं, सीरिया-तुर्की बॉर्डर से संचालित ID के संपर्क में थे। इसके अलावा, आतंकियों के पास से एक टाइमर, एक ISIS का झंडा, और लिटरेचर मिला। इन्होंने ‘वॉइस ऑफ मुसलमान’ नामक ग्रुप बनाया हुआ था।

अब दिल्ली पुलिस अदनान से लगातार पूछताछ कर रही है। एजेंसियाँ यह पता लगाने में लगी हैं कि उसके नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं। बरामद डिजिटल सबूतों से कई और संदिग्धों की पहचान हो सकती है।

ISIS से जुड़ी बड़ी साजिश का खुलासा

दिल्ली पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने 24 अक्टूबर 2025 की सुबह ऑपरेशन में ISIS के दो आतंकियों को पकड़ा था। मोहम्मद अदनान खान उर्फ अबू मुहरिब दिल्ली का रहने वाला और दूसरा आतंकी अबू मोहम्मद मध्य प्रदेश का रहने वाला है। दोनों ही करीब 19 और 20 साल के हैं। इन दोनों ने मिलकर दिवाली के समय दिल्ली के एक बड़े मॉल में धमाका करने की योजना बनाई थी। उनका मकसद त्योहार के दौरान भीड़भाड़ वाले इलाके में हमला कर दहशत फैलाना था। अदनान को जून 2024 में उत्तर प्रदेश ATS ने UAPA एक्ट के तहत गिरफ्तार किया था। सितंबर 2024 में उसे जमानत मिल गई। जमानत पर आने के बाद उसने फिर से ISIS से कनेक्शन बनाया था।