दिल्ली के लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास हुए धमाके की तीव्रता इतनी भयानक थी कि 5-10 किलो विस्फोटक के बराबर लगी, जिससे 50 मीटर दायरे में कंक्रीट फट गया, शीशे चूर-चूर हो गए और धातु के टुकड़े हवा में उड़ने लगे। आस-पास की गाड़ियाँ आग की लपटों में घिर गईं, जबकि मेट्रो स्टेशन और पास के मंदिर के शीशे टूटकर बिखर गए। इस दौरान एक व्यक्ति का शव दूसरे दिन पेड़ पर लटका मिला। उसका शरीर धमाके की वजह से उड़ गया और पेड़ पर लटक गया।
चश्मदीदों ने बताया कि तेज रोशनी और गर्जना से इलाका भूकंप की तरह काँप उठा। इस हादसे में अब तक 13 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 21 घायल हैं, जिनका इलाज एलएनजेपी अस्पताल में चल रहा है। कुछ शवों के धड़ जलकर काले पड़ गए, सिर और अंगों के टुकड़े सड़क पर बिखरे मिले, जिससे कई की पहचान मुश्किल हो रही है।
जाँच एजेंसियों को सबसे चौंकाने वाला खुलासा तब हुआ जब घटनास्थल पर सबूत जुटाते समय एक शव पेड़ पर लटका मिला।
इस बीच, घटनास्थल का एक वीडियो सामने आया है। ANI द्वारा पोस्ट किए CCTV फुटेज में दूर से धमाके का पीला-नारंगी गोला दिख रहा है।
#WATCH | Delhi | CCTV footage shows explosion from car blast near the Red Fort yesterday. Eight people lost their lives in the incident.
— ANI (@ANI) November 11, 2025
(Video source: President of Chandni Chowk Vyapar Mandal) pic.twitter.com/aVLqQM0BgH
जाँच में पता चला कि कार लाल किला के पास पार्किंग में दो घंटे खड़ी थी, फिर नेताजी सुभाष मार्ग पर धीरे चलते हुए फटी। पहले मौतें 8 बताई गईं, लेकिन पेड़ वाली लाश मिलने से संख्या 10 और फिर 13 हो गई। घायलों में बॉडी पार्ट्स बिखरे होने से पहचान में देरी हो रही है।
गृह मंत्रालय ने मामले की जाँच NIA को सौंप दी है, जो सभी कोणों से पड़ताल कर रही है। फिलहाल इस मामले की जाँच जारी है। इस धमाके को फरीदाबाद-कश्मीर टेरर मॉड्यूल से जोड़कर देखा जा रहा है, जिसमें करीब 3000 किलो विस्फोटक बरामद हो चुका है।

