‘ब्लास्ट की जाँच करने में भारतीय एजेंसियाँ खुद सक्षम, उन्हें हमारी जरूरत नहीं’: अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने की भारत की तारीफ, US ने की थी मदद की पेशकश

संयुक्त राज्य अमेरिका ने 10 नवंबर 2025 को दिल्ली के लालकिला के पास हुए घातक विस्फोट की जाँच में भारत की मदद की पेशकश की है। साथ ही अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा कि भारतीय अधिकारी इस जाँच को असाधारण पेशेवर तरीके से संभालते दिखाई दे रहे हैं।

बुधवार को कनाडा में जी-7 विदेश मंत्रियों की बैठक के बाद रुबियो ने पत्रकारों से बातचीत की। रुबियो ने कहा कि अमेरिका ने जाँच में भारत को सहयोग की पेशकश की थी, लेकिन उन्होंने भारतीय जाँचकर्ताओं की सराहना की कि वे स्थिति को प्रभावी ढंग से संभाल रहे हैं।

रुबियो ने कहा, “हमने मदद की पेशकश की है, लेकिन मुझे लगता है कि वे इस जाँच में काफी सक्षम हैं। उन्हें हमारी मदद की जरूरत नहीं है और वे बेहतरीन काम कर रहे हैं।” अमेरिकी विदेश मंत्री ने विस्फोट को ‘स्पष्ट रूप से एक आतंकवादी हमला’ कहा है।

बयान देने से पहले रुबियो ने भारत के विदेश मंत्री जयशंकर के साथ भी बैठक की। इस दौरान दोनों के बीच व्यापार, आपूर्ति शृंखला और क्षेत्रीय सुरक्षा समेत कई मुद्दों पर भी चर्चा हुई।

जयशंकर ने बैठक के बारे में एक्स पर एक पोस्ट में कहा, “दिल्ली में हुए विस्फोट में हुए मौतों पर रुबियो की संवेदनाओं के लिए आभारी हूँ। व्यापार और आपूर्ति शृंखलाओं पर केंद्रित हमारे द्विपक्षीय संबंधों पर चर्चा हुई। यूक्रेन संघर्ष, मध्य पूर्व/पश्चिम एशिया की स्थिति और हिंद-प्रशांत क्षेत्र पर विचारों का आदान-प्रदान हुआ।”

दिल्ली में 10 नवंबर को लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास एक कार में धमाका हुआ। इसमें 12 लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायलों का अब भी इलाज चल रहा है। मामले में एंटी टेरर यूनिट और अन्य जाँच एजेंसियाँ तेजी से अपना काम कर रही हैं और हमले के पीछे जिम्मेदार लोगों का पता लगाने की कोशिश कर रही है।

नई दिल्ली स्थित अमेरिकी दूतावास ने भी इस धमाके की निंदा की थी। राजदूत सार्जियो गोर ने कहा, “हमारी संवेदनाएं और प्रार्थनाएं नई दिल्ली में हुए भयानक विस्फोट में मारे गए लोगों के परिवारों के साथ हैं। हम घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना करते हैं।”