जस्टिस देबांगसु बसाक की अगुवाई वाली खंडपीठ ने कहा कि स्पीकर के 8 जून 2022 को दिए आदेश को रद्द करने में कोई गुरेज नहीं है। संविधान की 10वीं अनुसूची और दलबदल कानून के तहत मुकुल रॉय की विधानसभा की सदस्यता 11 जून 2021 से ही रद्द की जाती है।
कोर्ट ने कहा कि बीजेपी विधायक अंबिका रॉय ये साबित करने में सफल रहे कि मुकुल रॉय ने 11 जून 2021 को दलबदल करके बीजेपी से टीएमसी में गए।
कोर्ट ने लोक लेखा समिति के अध्यक्ष के रूप में मुकुल रॉय की नियुक्ति को भी खारिज कर दिया।
मुकुल रॉय 2021 में बीजेपी की टिकट पर कृष्णानगर उत्तर विधानसभा से विधायक बने थे, लेकिन उन्होंने घोषणा की कि उन्होंने टीएमसी में दलबदल कर लिया है। उस वक्त पर सीएम ममता बनर्जी भी मौजूद रहीं।

