कोई 27 तो कोई 30 वोटों से जीता चुनाव: जानिए बिहार की उन विधानसभा सीटों का हाल जहाँ हुआ रोमांचक चुनावी मुकाबला

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के नतीजों ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि राज्य की राजनीति में मुकाबला कितना कड़ा और रोमांचक है। इस बार कई सीटों पर जीत का अंतर बेहद कम रहा। कुछ जगहों पर तो उम्मीदवार दर्जनों वोटों से ही जीत या हार गए। ऐसे नतीजों ने एक बार फिर यह दिखाया है कि एक-एक वोट कितना महत्वपूर्ण होता है।

आगिओं सीट: महेश पासवान और शिव प्रकाश रंजन के बीच 95 वोटों का अंतर

आगिओं विधानसभा सीट पर BJP के महेश पासवान और CPI के शिव प्रकाश रंजन के बीच मुकाबला बहुत करीबी रहा। महेश पासवान को सिर्फ 95 वोटों से हार का सामना करना पड़ा, जो यह दिखाता है कि अंतिम क्षणों में वोटरों की नाराजगी भी बड़े अंतर से परिणाम बदल सकती है।

बख्तियारपुर सीट: 981 वोटों से राजद की जीत

बख्तियारपुर में LJP(R) के अरुण कुमार और राजद के अनिरुद्ध कुमार के बीच मुकाबला हुआ। राजद उम्मीदवार ने 981 वोटों के मामूली अंतर से जीत हासिल की, जो इस सीट के हिसाब से एक नजदीकी मुकाबला था। यह नतीजा यह बताता है कि इस तरह के छोटे अंतर से चुनाव परिणाम प्रभावित हो सकते हैं।

बलरामपुर और बोध गया: मामूली अंतर से जीते उम्मीदवार

बलरामपुर सीट पर LJP(R) की संगीता देवी की टक्कर मोहम्मद आदिल हसन से थी। यहाँ भी जीत का अंतर 389 वोटों का था, जो काफी कम था। वहीं, बोध गया में RJD के इरुमार सारुसीत सिर्फ 881 वोटों से आगे रहे, जो यह दर्शाता है कि दोनों पक्षों के बीच मुकाबला कड़ा था।

चनपटिया और ढाका: हारजीत के बीच 600 वोटों से भी कम अंतर

छपरा के पास चनपटिया सीट पर कॉन्ग्रेस के अभिषेक रंजन और BJP के उमाकांत सिंह के बीच मुकाबला 602 वोटों के अंतर से तय हुआ। ढाका सीट पर RJD के फैसल रहमान और बीजेपी के पवन कुमार जायसवाल के बीच मुकाबला बेहद नजदीकी रहा। यहाँ पर हार–जीत का अंतर सिर्फ 178 वोट का था।

फोर्ब्सगंज और जहानाबाद: 200 से 800 वोटों के भीतर हारजीत- फोर्ब्सगंज में कॉन्ग्रेस के मनोज बिश्वास सिर्फ 221 वोटों से हार गए। वहीं, जहानाबाद में RJD के राहुल कुमार की जीत का अंतर 793 वोटों का था, जो बेहद कम था।

रामगढ़ और संदेश सीट: बेहद कम अंतर वाली जंग

रामगढ़ में BSP के सतीश कुमार सिंह यादव 30 वोटों से हार गए, जो इस चुनाव के सबसे छोटे मार्जिन में से एक था। संदेश सीट पर JDU के राधा चरण साह ने RJD के दीपु सिंह को सिर्फ 27 वोटों से हराया। यह अंतर शायद पूरे चुनाव में सबसे कम था।

इन नतीजों ने यह स्पष्ट कर दिया कि बिहार चुनाव अब पूरी तरह से जमीनी मुद्दों, स्थानीय समीकरणों और बूथस्तर की रणनीति पर निर्भर कर गए हैं। यहाँ एकएक वोट की कीमत है और मामूली बदलाव पूरे चुनावी परिदृश्य को बदल सकते हैं।