अल-फलाह यूनिवर्सिटी पर NIA का शिकंजा, 200 से ज्यादा स्टाफ से पूछताछ: उमर नबी को मिले ‘स्पेशल ट्रीटमेंट’ ने बढ़ाया संदेह

दिल्ली के लाल किले के पास 10 नवंबर 2025 को हुए कार ब्लास्ट के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने अपनी जाँच का दायरा तेजी से बढ़ाया है। इसमें फरीदाबाद स्थित अल-फलाह यूनिवर्सिटी मुख्य फोकस में आ गई है। जानकारी के मुताबिक, यूनिवर्सिटी के 200 से ज्यादा डॉक्टर, स्टाफ और संबंधित कर्मियों को जाँच के दायरे में लाया गया है।

कैंपस में लगातार हो रही तलाशी और पूछताछ से छात्रों व कर्मचारियों में डर का माहौल है। कई कर्मचारियों को बुधवार (19 नवंबर 2025) को अपने सामान कारों में रखकर कैंपस छोड़ते भी देखा गया।

जाँच एजेंसियाँ यह पता लगा रही हैं कि ब्लास्ट के बाद किन लोगों ने यूनिवर्सिटी छोड़ी और इसके पीछे क्या वजह थी। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, कई व्यक्तियों ने अपने मोबाइल का डेटा डिलीट किया है, जिसे महत्वपूर्ण सुराग मानकर जाँच की जा रही है। अब तक 1,000 से अधिक लोगों से पूछताछ हो चुकी है। पुलिस हॉस्टल और आसपास के मकानों की भी तलाशी ले रही है।

इसी दौरान नूंह की वह महिला, जिसने आत्मघाती हमले के आरोपित डॉ उमर उन नबी को कमरा किराए पर दिया था, गिरफ्तार की गई है। उसके परिवार और सात अन्य लोगों से भी पूछताछ जारी है।

खुलासा हुआ है कि उमर छह महीनों तक गायब रहा, लेकिन उसके लौटने पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। उसे यूनिवर्सिटी में अक्सर रात की शिफ्ट में काम दिया जाता था, जिससे जाँच में कई सवाल उठे हैं।

अल-फलाह मेडिकल कॉलेज का नाम सामने आने के बाद अस्पताल की OPD में मरीजों की संख्या भी आधे से कम हो गई है। इस वक्त NIA, दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल, यूपी ATS, फरीदाबाद क्राइम ब्रांच, जम्मू-कश्मीर पुलिस और ED यूनिवर्सिटी कैंपस में अस्थायी कमांड सेंटर बनाकर जाँच कर रही हैं।