2022 में की सीरियाई आतंकियों से मुलाकात, 42 Video देख ली बम बनाने की ट्रेनिंग: जानिए कैसे उमर-मुजम्मिल ने पाकिस्तानी हैंडलर के कहने पर रची दिल्ली ब्लास्ट की साजिश

फरीदाबाद के अल फलाह यूनिवर्सिटी के डॉक्टर दिल्ली कार ब्लास्ट से जुड़े आतंकी मॉड्यूल में शामिल थे। इन डॉक्टरों को विदेश में बैठे तीन हैंडलर्स ने बम बनाने के 42 वीडियो भेजे थे। जाँच में यह भी सामने आया है कि ब्लास्ट करने वाले डॉ उमर नबी मोहम्मद ने अपने साथियों के साथ 2022 में तुर्की में एक सीरियाई आतंकी से मुलाकात की थी।

यह सब पाकिस्तान स्थित हैंडलर ‘उकाशा’ के कहने पर हुआ था। राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (NIA) ने इस साजिश में शामिल चार और लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनसे अंतरराष्ट्रीय लिंक और पूरे भारत में हमले करने की योजना के बारे में पूछताछ की जाएगी।

विदेश से मिल रही थी बम बनाने की ट्रेनिंग

जाँच एजेंसियों ने बताया है कि गिरफ्तार डॉक्टर मुजम्मिल अहमद गनई को एन्क्रिप्टेड ऐप्स के जरिए बम बनाने के 42 वीडियो भेजे गए थे। यह वीडियो विदेश में बैठे कथित तीन हैंडलर्स में से किसी एक ने भेजे थे। जाँचकर्ताओं का मानना है कि इन हैंडलर्स ने मॉड्यूल को बम बनाने में मदद की और उन्हें आत्मघाती हमले (सुसाइड अटैक) के लिए उकसाया था।

अब सुरक्षा एजेंसियाँ इन हैंडलर्स की पहचान और उनकी भूमिका की जाँच कर रही हैं। वे यह भी देख रही हैं कि क्या हाल के दिनों में भारत में ‘खुद से बम बनाने’ (DIY) के तरीके से हुए अन्य हमलों में इनका कोई कनेक्शन है।

तुर्की में हुई थी सीरियाई आतंकी से मुलाकात

जानकारी के अनुसार, 10 नवंबर 2025 के दिल्ली कार ब्लास्ट के पीछे आत्मघाती हमलावर डॉ उमर नबी मोहम्मद ने सह-आरोपित डॉ मुजम्मिल शकील गनई और डॉ मुजफ्फर राथेर के साथ 2022 में तुर्की में एक सीरियाई आतंकी से मुलाकात की थी।

यह मुलाकात कथित तौर पर उनके पाकिस्तानी हैंडलर ‘उकाशा’ के निर्देश पर हुई थी। तीनों डॉक्टर करीब 20 दिनों तक तुर्की में रुके थे। उनका इरादा उकाशा से मिलना था, जिसके बारे में कहा जाता है कि वह अफगानिस्तान-पाकिस्तान सीमा पर रहता है, लेकिन आरोपित के अनुसार, यह मुलाकात नहीं हो पाई। इसके बजाय, उकाशा ने उन्हें सीरियाई नागरिक से मिलने का निर्देश दिया। एजेंसियाँ अब इस मुलाकात के दौरान क्या हुआ, इसकी गहराई से जाँच कर रही हैं।

हैंडलर्स देते थे निर्देश और सामग्री

जाँच में यह भी पता चला है कि मुजम्मिल, डॉ अदील अहमद राथेर और उमर मोहम्मद टेलीग्राम के जरिए पाकिस्तान स्थित तीन हैंडलर्स– फैसल, हाशिम और उकाशा के लगातार संपर्क में थे।

ये हैंडलर्स उन्हें निर्देश देते थे, कट्टरपंथी सामग्री भेजते थे और बम बनाने के वीडियो भी देते थे। NIA ने गुरुवार (20 नवंबर 2025) को कहा कि गिरफ्तार किए गए तीनों डॉक्टर और शोपियाँ के मुफ्ती इरफान अहमद वागेय ने दिल्ली आतंकी हमले में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। साथ ही, वे पूरे भारत में इसी तरह के हमले करने की साजिश रच रहे थे।

कुछ साथी अफगानिस्तान गए, कुछ को भारत भेजा गया

बताया गया है कि मुजफ्फर राथेर UAE के रास्ते अफगानिस्तान चला गया और उसने कथित तौर पर अल-कायदा जॉइन कर लिया। सूत्रों ने बताया कि उमर भी तुर्की से अफगानिस्तान जाना चाहता था, लेकिन उकाशा ने उसे जैश के ‘बड़े’ आतंकी प्लान को अंजाम देने के लिए भारत लौटने को कहा।

उमर ने उसका निर्देश माना और भारत लौटकर अल फलाह यूनिवर्सिटी जॉइन की। यहीं पर उसने आतंकी मॉड्यूल को आकार दिया, जो पकड़े जाने से पहले भविष्य के हमलों के लिए विस्फोटक जमा कर रहा था।