दिल्ली में 10 नवंबर 2025 को लाल किले के पास हुए कार विस्फोट के बाद भारत से पाकिस्तान को जाने वाली फोन कॉल की संख्या में अचानक बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। सामान्य दिनों में जहाँ प्रतिदिन लगभग 200 कॉल पाकिस्तान की ओर की जाती थीं, वहीं अब यह संख्या घटकर 40–50 रह गई है।
अमर उजला के अनुसार, इस असामान्य कमी ने पुलिस, LIU, NIA, ATS, IB और अन्य जाँच एजेंसियों को सतर्क कर दिया है। विभिन्न टेलीकॉम कंपनियों से कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) निकालकर उनका विश्लेषण किया जा रहा है।
कानपुर में 50 से अधिक ऐसे लोग रह रहे हैं जिनका पाकिस्तान से प्रत्यक्ष या पारिवारिक संबंध है और उनके बीच सामान्य बातचीत नियमित रूप से होती रहती है। लेकिन विस्फोट के बाद बढ़ी जाँच और लगातार दबिशों के कारण लोग या तो सतर्क हो गए हैं या किसी विवाद में फँसने से बचने के लिए कॉल कम कर रहे हैं।
डॉ शाहीन और डॉ परवेज अंसारी के पाकिस्तानी कनेक्शन की जाँच भी तेज हुई है, जिसके चलते चमनगंज, बेकनगंज जैसे क्षेत्रों में गुप्त रूप से जानकारी जुटाई गई। एजेंसियों ने देर रात तथा सुबह की गई कॉलों को विशेष रूप से चिह्नित किया है और यह भी देखा जा रहा है कि कॉल पाकिस्तान के किन इलाकों में की जा रही हैं। वहीं, व्हाट्सएप और इंस्टाग्राम के जरिए होने वाली इंटरनेट कॉलिंग की आशंका पर भी निगरानी बढ़ा दी गई है।

