अमेरिकी राष्ट्रपति के आधिकारिक आवास व्हाइट हाउस के पास हुई गोलीबारी में एक नेशनल गार्ड सैनिक की मौत और एक के घायल होने के बाद अमेरिका ने अफगान पासपोर्ट पर वीजा जारी करने पर रोक लगा दी है। हमले के आरोपित की पहचान रहमानुल्लाह लाकानवाल के रूप में हुई है, जो सितंबर 2021 में अमेरिका पहुँचा था। इस घटना के बाद अमेरिकी प्रशासन ने आव्रजन और सुरक्षा नियमों पर और सख्ती बढ़ा दी है।
The Department of State has IMMEDIATELY paused visa issuance for individuals traveling on Afghan passports.
— Department of State (@StateDept) November 28, 2025
The Department is taking all necessary steps to protect U.S. national security and public safety.
वीजा प्रणाली पर तुरंत लगाम
अमेरिकी विदेश विभाग ने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा और सार्वजनिक सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए अफगान पासपोर्ट पर वीजा जारी करने की प्रक्रिया तत्काल प्रभाव से रोक दी गई है। विभाग ने इसे ‘अत्यावश्यक सुरक्षा कदम’ बताया। वहीं, यूएस सिटिजनशिप एंड इमीग्रेशन सर्विसेज (USCIS) ने सभी शरण (Asylum) मामलों पर भी निर्णय रोक दिया है ताकि कठोर जाँच और स्क्रीनिंग प्रक्रिया लागू की जा सके।
USCIS has halted all asylum decisions until we can ensure that every alien is vetted and screened to the maximum degree possible. The safety of the American people always comes first.
— USCIS Director Joseph B. Edlow (@USCISJoe) November 28, 2025
USCIS निदेशक जोसेफ बी एडलो ने कहा, “अमेरिकी नागरिकों की सुरक्षा सर्वोपरि है और जब तक सभी विदेशी आवेदकों की अधिकतम जाँच पूरी नहीं होती, शरण पर किसी तरह का फैसला नहीं लिया जाएगा।”
हमलावर, जाँच और पुराना रिकॉर्ड
अधिकारियों के अनुसार, बुधवार (26 नवंबर 2025) की दोपहर व्हाइट हाउस से कुछ दूर 17वीं और आई स्ट्रीट के पास दो नेशनल गार्ड जवान गश्त पर थे, तभी आरोपित रहमानुल्लाह ने अचानक उन पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में वह घायल हुआ और पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।
वह ऑपरेशन Allies Welcome के तहत 2021 में अमेरिका आया था, जब अफगानिस्तान पर तालिबान ने कब्जा किया था। अधिकारियों के अनुसार, उसने दिसंबर 2024 में शरण के लिए आवेदन किया था और अप्रैल 2025 में उसे मंजूरी मिली थी। जाँच एजेंसियों का कहना है कि उसका कोई पूर्व आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है।
राष्ट्रपति का कड़ा संदेश और बढ़ी सुरक्षा
हमले को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ‘आतंकी कार्रवाई’ बताया और कहा कि वह ऐसे विदेशी नागरिकों को देश से हटाने के लिए कड़े कदम उठाएँगे जो यहाँ रहने के योग्य नहीं हैं। हालाँकि उन्होंने यह भी कहा कि वह सभी अफगानों को इस घटना के लिए जिम्मेदार नहीं ठहराते।
हमले के बाद रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने बताया कि वाशिंगटन डीसी में अतिरिक्त 500 नेशनल गार्ड तैनात किए जा रहे हैं। इससे पहले ही 2,200 जवान सुरक्षा व्यवस्था और आव्रजन सख्ती अभियान के तहत तैनात हैं।

