जस्टिस जीआर स्वामीनाथन के समर्थन में आए SC-HC के 56 रिटायर्ड जज, महाभियोग प्रस्ताव की कड़ी निंदा की: पत्र जारी कर कहा- न्यायाधीशों को डराने की कोशिश मत करो

मद्रास हाई कोर्ट के जस्टिस जीआर स्वामीनाथन पर महाभियोग प्रस्ताव पेश होने के बाद अब सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट के 56 रिटायर्ड जजों ने उनका समर्थन किया है। इन पूर्व जजों ने महाभियोग प्रस्ताव की कड़ी निंदा की है। बयान में कहा गया कि यह कदम राजनीति से प्रेरित है।

पूर्व जजों ने चेतावनी कि अगर इसे जारी रहने दिया गया, तो यह लोकतंत्र और न्यायपालिका की स्वतंत्रता की जड़ों को ही नष्ट कर देगा। पत्र में समाज के एक विशेष वर्ग के विचार और राजनीतिक अपेक्षाओं के अनुरूप न चलने वाले न्यायाधीशों को धमकाने का एक बेशर्म प्रयास करार दिया है।

पत्र में कहा गया कि जज स्वामीनाथन पर महाभियोग प्रस्ताव पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गाँधी की सरकार में 1975 में घोषित आपातकाल की याद दिलाता है। जब जजों को प्रताड़ित करने के लिए तमाम तंत्र अपनाए गए थे, जिनमें पदोन्नति को रद्द करना भी शामिल था। पूर्व जजों ने पत्र में साफतौर पर कहा कि किसी निर्णय से असहमति हो तो उसका समाधान कानूनी अपील और तर्कपूर्ण आलोचना है न कि न्यायाधीशों को डराने की कोशिश।

उल्लेखनीय है कि 09 दिसंबर 2025 को संसद में INDI ब्लॉक के अखिलेश यादव, प्रियंका गाँधी समेत 120 सांसदों ने मद्रास हाई कोर्ट के जज जीआर स्वामीनाथन के खिलाफ महाभियोग का प्रस्ताव दिया था। यह प्रस्ताव जज स्वामीनाथन के तमिलनाडु में कार्तिगाई दीपम दीपक जलाने की अनुमति देने से नाराजगी जताते हुए दिया गया है।