थाईलैंड की सेना ने कंबोडिया पर फिर बम बरसाए, संघर्ष में अब तक कई मौतें: ट्रंप के सीजफायर कराने का एक और दावा फुस्स

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का सीजफायर कराने का दावा एक बार फिर फुस्स निकला। उन्होंने कहा था कि थाईलैंड और कंबोडिया के बीच युद्धविराम पर सहमति बन गई है, लेकिन अब खबरें आ रही हैं कि एक बार फिर दोनों देशों में बमबाजी हो गई है।

कंबोडिया के रक्षा मंत्रालय ने शनिवार (13 दिसंबर 2025) को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी दी कि थाईलैंड की वायुसेना ने उनके दो एफ-16 लड़ाकू विमान उड़ाए और कई इलाकों में कुल सात बम गिराए। मंत्रालय ने यह भी कहा कि थाई सैन्य विमानों की बमबारी अब तक पूरी तरह नहीं रुकी है।

यह हमले की घटना अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की उस पोस्ट के ठीक बाद सामने आई, जो उन्होंने शुक्रवार (12 दिसंबर 2025) को अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ पर की थी।

ट्रंप ने बताया था कि उसी सुबह उन्होंने थाईलैंड के प्रधानमंत्री अनुतिन चार्नवीराकुल और कंबोडिया के प्रधानमंत्री हुन मानेट से बातचीत की थी। उन्होंने कहा था कि दोनों देशों के बीच लंबे समय से चला आ रहा सीमा विवाद फिर से भड़क रहा है और इसे लेकर उनकी दोनों नेताओं से सकारात्मक बातचीत हुई है।

डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि थाईलैंड और कंबोडिया दोनों ने तुरंत सभी तरह की लड़ाई रोकने और जुलाई में हुए शांति समझौते पर फिर से लौटने पर सहमति जता दी है। यह समझौता उन्होंने मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम की मदद से कराया था।

ट्रंप ने कहा कि दोनों देश शांति चाहते हैं और अमेरिका के साथ व्यापार आगे बढ़ाने के लिए तैयार हैं। उन्होंने खुद को बड़ा शांति दूत बताते हुए यहाँ तक कहा कि उन्होंने आठ युद्ध सुलझाए हैं और उन्हें नोबेल शांति पुरस्कार मिलना चाहिए।

थाईलैंड और कंबोडिया के बीच 817 किलोमीटर लंबी विवादित सीमा पर तनाव सोमवार (8 दिसंबर 2025)  को फिर बढ़ गया, जब रॉकेट और तोपों से हमले शुरू हुए। यह हिंसा जुलाई में हुई पाँच दिन की झड़प के बाद सबसे गंभीर मानी जा रही है, जिसे उस समय ट्रंप के दखल से रोका गया था।

अब तक इस संघर्ष में कम से कम 20 लोगों की मौत हो चुकी है, 260 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं और दोनों देशों में लाखों लोग अपने घर छोड़ने को मजबूर हुए हैं। दोनों देश एक-दूसरे पर लड़ाई शुरू करने का आरोप लगा रहे हैं।

इससे पहले थाईलैंड के प्रधानमंत्री अनुतिन चार्नवीराकुल ने कहा था कि ट्रंप से बातचीत अच्छी रही, लेकिन उन्होंने किसी भी समझौते की पुष्टि नहीं की। उन्होंने कहा कि थाईलैंड हमलावर नहीं है, बल्कि सिर्फ जवाबी कार्रवाई कर रहा है।

अनुतिन ने माँग की कि ट्रंप कंबोडिया पर दबाव डालें कि वह पहले सीजफायर करे, अपनी सेना पीछे हटाए और सीमा पर बिछाई गई बारूदी सुरंगों को हटाए। उन्होंने कहा, “सिर्फ सीज़फायर कहने से काम नहीं चलेगा, कंबोडिया को पहले कदम उठाने होंगे।”

अनुतिन ने यह भी कहा कि उन्हें ऐसा कोई संकेत नहीं मिला है कि ट्रंप इस विवाद को अमेरिका के साथ व्यापार वार्ता से जोड़ेंगे, हालाँकि उन्होंने थाईलैंड को बेहतर व्यापार सौदों का भरोसा जरूर दिया है।

वहीं, कंबोडिया के प्रधानमंत्री हुन मानेट ने फेसबुक पर लिखा कि उनका देश विवादों को शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाने के पक्ष में है। उन्होंने अमेरिका और मलेशिया से अपील की कि वे अपनी जाँच क्षमताओं का इस्तेमाल कर यह पता लगाएँ कि रविवार (7 दिसंबर 2025) को पहली गोली किसने चलाई।

इससे पहले अक्टूबर में ट्रंप ने सीजफायर बढ़ाने के बाद संयुक्त घोषणा और नए व्यापार समझौतों का समर्थन किया था, लेकिन पिछले महीने थाईलैंड ने इसे रोक दिया, जब उसके सैनिक सीमा पर बारूदी सुरंगों से घायल हो गए थे।

जुलाई में हुई पहली हिंसा के बाद अमेरिका, चीन और आसियान के अध्यक्ष के रूप में मलेशिया ने मिलकर पहला संघर्षविराम कराने में अहम भूमिका निभाई थी। इसी बीच, थाईलैंड के प्रधानमंत्री अनुतिन ने शुक्रवार (12 दिसंबर 2025) को संसद भंग कर दी, जो गठन के सिर्फ तीन महीने बाद हुआ और अब अगले साल समय से पहले चुनाव कराए जाएँगे।