निशाने पर गरीब-बीमार, खेत में प्रार्थना सभा और हिंदुओं को ईसाई बनाने की साजिश: छत्तीसगढ़ के कोरबा में चल रहा धर्मांतरण का खेल, पादरी बजरंग समेत कई पर FIR

छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले के कटघोरा थाना क्षेत्र में आयोजित एक प्रार्थना सभा के दौरान बीमार और गरीब लोगों को निशाना बनाकर धर्मांतरण का मामला सामने आया है। ईसाई समुदाय द्वारा खेत में पंडाल लगाकर सभा का आयोजन किया जा रहा था जिस पर ग्रामीणों और स्थानीय प्रतिनिधियों ने आपत्ति जताई और मामला पुलिस तक पहुँचा। घटना के बाद क्षेत्र में तनावपूर्ण माहौल बन गया और पुलिस ने जाँच शुरू कर दी है।

प्रार्थना सभा को लेकर लगाए गए आरोप

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, रविवार (14 दिसंबर 2025) की सुबह सुतर्रा गाँव में ईसाई समुदाय के लोगों ने एक प्रार्थना सभा का आयोजन किया था, जिसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। इस सभा का नेतृत्व पादरी बजरंग जायसवाल कर रहे थे।

आरोप लगाया गया कि सभा के दौरान ग्रामीणों को प्रार्थना के माध्यम से बीमारी और परेशानियों से मुक्ति दिलाने के दावे किए गए। साथ ही, यह भी आरोप सामने आया कि लोगों को बहला-फुसलाकर धर्म परिवर्तन के लिए प्रेरित किया जा रहा था।

सभा की सूचना मिलते ही गाँव की सरपंच संतोषी बाई ने इस पर आपत्ति जताई और मामले की शिकायत पुलिस से की। आरोप है कि सभा में बाहर से आए कुछ लोग भी शामिल थे और विशेष रूप से बीमार, निःसंतान और आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को निशाना बनाया जा रहा था। ग्रामीणों का कहना है कि इस तरह के दावे लोगों को भ्रमित कर सकते हैं।

पुलिस ने पास्टर के खिलाफ दर्ज किया मामला

शिकायत के बाद दोनों पक्ष कटघोरा थाने पहुँचे। आरोप लगाने वाले पक्ष ने पास्टर बजरंग जायसवाल के खिलाफ सख्त कार्रवाई की माँग की और कहा कि पूर्व में भी इसी तरह की प्रार्थना सभाओं को लेकर विवाद हो चुका है। यह भी दावा किया गया कि पास्टर जायसवाल पहले भी ऐसी गतिविधियों के चलते जेल जा चुके हैं और उन्हें बिना अनुमति सभा आयोजित न करने की समझाइश दी गई थी।

वहीं पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए सरपंच की शिकायत के आधार पर पास्टर बजरंग जायसवाल सहित अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। थाना प्रभारी धर्मनारायण तिवारी के अनुसार, पूरे मामले की निष्पक्ष जाँच की जा रही है। दोनों पक्षों से पूछताछ की जा रही है और जो भी तथ्य सामने आएँगे, उनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।