जिस ईसाई मिशनरी विद्यालय में हुई थी हिंदू छात्र की हत्या, उस सेवंथ-डे एडवेंटिस्ट स्कूल को गुजरात सरकार ने कब्जे में लिया: हजारों बच्चों का भविष्य सुरक्षित करने के लिए उठाया कदम

गुजरात सरकार ने अब अहमदाबाद के सेवंथ-डे एडवेंटिस्ट स्कूल का पूरा कंट्रोल अपने हाथ में ले लिया है। यह फैसला अगस्त 2025 में हुए एक बड़े विवाद के बाद आया है। दरअसल, अगस्त में 10वीं क्लास के नयन संतानी नाम के एक हिंदू छात्र को उसी स्कूल के एक मुस्लिम छात्र ने चाकू मारकर मार डाला था।

इस दर्दनाक घटना के बाद स्कूल में पढ़ रहे बच्चों के माता-पिता बहुत गुस्से में आ गए थे। उन्होंने स्कूल चलाने के तरीके पर गंभीर सवाल उठाए थे और कहा था कि मैनेजमेंट ठीक नहीं है। इस घटना से पहले भी स्कूल में कुप्रबंधन (खराब देखरेख) और दूसरी कई परेशानियाँ सामने आ चुकी थीं। इन सारी गड़बड़ियों को देखते हुए, आखिरकार सरकार को इस स्कूल की पूरी जिम्मेदारी संभालनी पड़ी।

जाँच में खुली स्कूल की पोल

इस घटना के बाद, जिले के शिक्षा अधिकारी ने तुरंत कदम उठाया और स्कूल के मामलों की जाँच करने के लिए एक कमेटी बनाई। इस कमेटी ने स्कूल के काम करने के तरीके को गहराई से देखा। उनकी जाँच में स्कूल की कई गड़बड़ियाँ सामने आईं। पता चला कि स्कूल ने सरकारी नियमों को तोड़ा था और जरूरी मान्यता के नियमों का पालन नहीं किया था। इससे भी बड़ी बात यह सामने आई कि स्कूल ने अपनी मर्जी से बिना सरकारी मंजूरी लिए ही कुछ क्लासें (कक्षाएँ) बढ़ा ली थीं, जिसके लिए उसे कभी भी इजाजत नहीं मिली थी।

जाँच में यह भी पता चला कि स्कूल ने मैनेजमेंट (प्रबंधन) में बदलाव करने और स्कूल की जगह बदलने (शिफ्ट करने) जैसी जरूरी चीजों के लिए भी सरकारी मंजूरी लेना जरूरी नहीं समझा। कुल मिलाकर, स्कूल को चलाने के तरीके में ढेरों खामियाँ थीं। कमेटी ने तो इस बात पर भी सवाल उठाए कि स्कूल ने अल्पसंख्यक स्कूल का दर्जा पाने के लिए जो तरीका अपनाया, उसमें भी कई गड़बड़ियाँ थीं।

सरकार ने लिया कड़ा फैसला: स्कूल अपने कब्जे में

जाँच कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में साफ-साफ कहा कि स्कूल की लापरवाही और नियम तोड़ने की वजह से सरकार को इसका कंट्रोल संभाल लेना चाहिए। राज्य के शिक्षा विभाग ने कमेटी की इस बात को मान लिया और तुरंत इसे मंजूरी दे दी।

15 दिसंबर 2025 को शिक्षा विभाग ने एक आदेश जारी किया। उन्होंने कहा कि स्कूल में पढ़ रहे दस हजार से ज्यादा छात्रों का भविष्य बचाने के लिए अब स्कूल का पूरा इंतजाम सरकार संभालेगी। हालाँकि, अभी यह फैसला लिया गया है कि स्कूल में किसी भी नए छात्र का एडमिशन नहीं होगा। सरकार ने अहमदाबाद शहर के जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) को स्कूल का नया प्रशासक नियुक्त कर दिया है।

इस पूरी जाँच रिपोर्ट और स्कूल की सभी गड़बड़ियों की खबर पहले ऑपइंडिया ने विस्तार से छापी थी। सरकार के स्कूल को कब्जे में लेने से यह पक्का हो गया है कि स्कूल की समस्याओं को ठीक करते हुए भी, जो बच्चे अभी वहाँ पढ़ रहे हैं, उनकी पढ़ाई पर कोई बुरा असर नहीं पड़ेगा।