जबरन धर्मांतरण का विरोध कर रहे हिंदू कार्यकर्ताओं को स्टालिन की पुलिस ने किया अरेस्ट, धर्म बदलवाने की कोशिश करने वालों पर ‘चुप्पी’: तमिलनाडु के शिवगंगा का मामला

तमिलनाडु के शिवगंगा जिले के सिंगमपुनारी में धर्मांतरण का विरोध करने पर हिंदू संगठनों के कई कार्यकर्ताओं को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। दरअसल, मेलूर रोड स्थित ऑयल मिल परिसर में बिना अनुमति जबरन धर्मांतरण कराए जाने से जुड़े कार्यक्रम की सूचना मिलने के बाद हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं ने परिसर को घेर लिया था।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मौके पर पहुँचे सिंगमपुनारी पुलिस निरीक्षक दयालन ने सभी लोगों को बाहर निकालते हुए कार्यक्रम पर रोक लगा दी। पुलिस का कहना है कि कार्यक्रम के आयोजन की कोई पूर्व अनुमति नहीं ली गई थी। इस बीच, हिंदू फ्रंट यूनियन के सिंगमपुनारी नेता कृष्णकुमार ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराते हुए आरोप लगाया कि ऑयल मिल परिसर में अवैध और जबरन धर्मांतरण का प्रयास किया जा रहा था।

हालाँकि, हिंदू संगठनों का आरोप है कि एम के स्टालिन की पुलिस ने उनकी शिकायत पर न तो मामला दर्ज किया और न ही शिकायत की रसीद दी। वहीं जब इस कार्यक्रम आयोजकों की ओर से दी गई शिकायत के आधार पर पुलिस ने हिंदू मुनानी के जिला सचिव थंगापांडियन, RSS के कार्यकर्ता बालसुब्रमण्यम, बीजेपी नेता सेंथिलकुमार, मुरुगसेल्वम, संतोषकुमार और कृष्णकुमार को गिरफ्तार कर लिया।

हिंदू संगठनों ने इन गिरफ्तारियों को ‘झूठे आरोपों’ पर की गई कार्रवाई बताया है। उनका कहना है कि जब उन्होंने अवैध धर्मांतरण की शिकायत की तो पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की लेकिन आयोजकों की शिकायत पर तुरंत गिरफ्तारी कर ली गई।

इस घटना के विरोध में बीजेपी के जिला अध्यक्ष पंडितुरै के नेतृत्व में भाजपा और हिंदू फ्रंट के कार्यकर्ताओं ने सिंगमपुनारी पुलिस थाने के सामने धरना और घेराव प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने गिरफ्तार किए गए कार्यकर्ताओं की तत्काल रिहाई और कथित अवैध धर्मांतरण कार्यक्रम के आयोजकों के खिलाफ मामला दर्ज करने की माँग की।

स्थिति बिगड़ती देख पुलिस ने प्रदर्शन कर रहे भाजपा और हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं को तितर-बितर कर दिया। फिलहाल इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। प्रशासन का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं जबकि हिंदू संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी शिकायतों पर कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन तेज करेंगे।