बांग्लादेश में हिंदुओं पर अत्याचार के खिलाफ लंदन में हो रहा था प्रदर्शन, खालिस्तानियों ने घुसकर माहौल बिगाड़ा: लगे भारत-विरोधी और हिंदू-विरोधी नारे, Video

हाल ही में बांग्लादेश में दीपू दास की निर्मम हत्या और लगातार हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार के विरोध में लंदन में बांग्लादेश उच्चायोग के बाहर हिंदू समाज ने प्रदर्शन किया। इस दौरान 500 से ज्यादा प्रदर्शनकारियों ने ‘हिंदू की जिंदगी मायने रखती है’ के नारे लगाए। उधर, प्रदर्शनकारियों को डराने के लिए खालिस्तानियों ने इकट्ठा होकर अलगाववादी नारे लगाने शुरू कर दिए।

शनिवार (27 दिसंबर 2025) को हुए इस विरोध प्रदर्शन में हिंदुओं ने हाथों में पोस्टर लिए हुए थे, जिसमें ‘जस्टिस फॉर दास’ लिखा गया था। इसके साथ ही प्रदर्शनकारियों ने अल्पसंख्यकों की सुरक्षा और हिंदू भिक्षु चिनमोय कृष्ण दास की कैद का भी विरोध जताया।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यह प्रदर्शन का नेतृत्व बंगाली हिंदू आदर्श संघ (यूके) ने किया। सड़क की एक तरफ इकट्ठे हुए प्रदर्शनकारियों ने बैरियर के पीछे रहकर की शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया। प्रदर्शन की सामने आई तस्वीरों में भी यह साफ देखा जा सकता है।

हिंदू प्रदर्शन कर ही रहे थे की बीच में ही अचानक पीला खालिस्तानी झंडा हाथ में लिए लगभग 10 खालिस्तानों ने अड़ंगा लगाया और ठीक उनके सामने आकर भारत-विरोधी और हिंदू-विरोधी नारे लगाने लगे। इन खालिस्तानियों ने उस्मान हादी का भी समर्थन किया। माहौल इतना गरम हो गया कि पुलिस को हस्तक्षेप करना पढ़ा। पुलिस ने दोनों तरफ के प्रदर्शनकारियों को अलग किया।

बांग्लादेश में हिंदुओं पर अत्याचार

बता दें कि यह प्रदर्शन बांग्लादेश में जारी हिंदुओं पर अत्याचार के खिलाफ हुए। देश में अब तक 3 हिंदुओं को बर्बरता से मार दिया गया है। यह सब इस्लामी कट्टरपंथी उस्मान हादी की मौत से शुरू हुआ। जब उसके समर्थकों ने सड़क पर उत्पात मचाया। हिंदुओं के घरों को आग के हवाले कर दिया गया, जिससे देश में रहने वाले हिंदुओं के बीच डर का माहौल बना हुआ है।

सबसे पहले मैमनसिंह में फैक्ट्री में काम करने वाले हिंदू युवक दीपू दास की बेरहमी से पीट-पीटकर हत्या कर दी गई, फिर उसके शरीर को पेड़ से लटकाकर आग के हवाले कर दिया। इसके बाद अमृत मंडल की बेरहमी से पीटकर हत्या कर दी गई। अब एक और मामला सामने आय़ा है, जिसमें 18 साल के कामदेव दास की गला दबाकर हत्या कर दी गई।