बांग्लादेश में उस्मान हादी की मौत के बाद एक बार फिर हिंसा का दौर जारी है। देश के इस्लामी कट्टरपंथी भीड़ लगातार हिंदुओं को निशाना बना रही है। चटगाँव से लेकर मैमनसिंह और रउजान तक 5 दिन में 7 हिंदू परिवारों का घर जलाया गया। दो हिंदू युवकों की मुस्लिम भीड़ ने पीट-पीटकर हत्या कर दी। चटगाँव में हिंदुओं के घर जला दिए गए तो वहीं मैमनसिंह में हिंदू युवक दीपू दास की बेरहमी से पीट-पीटकर हत्या कर दी गई।
अब बुधवार (24 दिसंबर 2025) को हिंदू युवक अमृत मंडल की मुस्लिम भीड़ ने पीट कर हत्या का मामला सामने आया है। देश में हिंसा के बीच हिंदुओं में डर का माहौल है। उन्हें नहीं पता कि कब कोई मुस्लिम भीड़ आकर उनके घर को आग के हवाले कर दे। जैसे चटगाँव जिले में हुआ। चटगाँव के पीड़ित हिंदुओं का बचा है तो सिर्फ खाक हुआ घर, जिसके सामने बैठकर वे रो रहे हैं।
चटगाँव के पीड़ित परिवारों का दर्द
चटगाँव में मंगलवार (23 दिसंबर 2025) को जिन दो हिंदू परिवारों का घर जला दिया गया, उन्होंने आपबीती सुनाते हुए कहा कि जब घर जला तो वे सो रहे थे। इन परिवारों में कुल 8 सदस्य रात में सो रहे थे, जब इनका घर जला दिया गया। वे कहते हैं कि आँख खुली तो पूरे घर में धुएँ का काला गुब्बार फैला हुआ था।
दुबई में मजदूरी करने वाले पीड़ित मिथुन शिल कहते हैं कि यह देख उनका पूरा परिवार घबरा गया और दरवाजे की ओर भागने लगा। लेकिन मुस्लिम भीड़ ने दरवाजा बाहर से बंद कर दिया था। फिर पूरा परिवार बाँस और टीन की दीवारों को काटकर बाहर निकला। मिथुन ने बताया कि तीन दिन पहले भी पड़ोसी गाँव में एक हिंदू के साथ यही हुआ था, उसका भी घर जला दिया गया था।
बांग्लादेश में हिंदुओं की पीड़ा
बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार के बीच रह रहे एक हिंदू व्यक्ति ने अपना दर्द बयां करते हुए बताया, “हम जिंदा तो हैं, लेकिन चलती-फिरती लाशों की तरह जी रहे हैं।” आजतक के साथ बातचीत में उन्होंने कहा, “अगर आज मेरी पहचान उजागर हो गई तो कल की सुबह शायद मेरी आखिरी सुबह हो।”

