एंजेल चकमा को ‘चीनी’ कहकर मारने वाला निकला नेपाली, असम के CM हिमंता ने की कार्रवाई की माँग: CM धामी ने मृतक के पिता से कहा- परिवार के साथ मजबूती से खड़े हैं

असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर धामी से देहरादून में मारे गए त्रिपुरा के छात्र एंजेल चकमा के हत्यारों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की माँग की है। हत्या का मुख्य आरोपित नेपाल का निकला है। पश्चिम त्रिपुरा जिले के नंदननगर के 24 वर्षीय MBA छात्र चकमा और उनके भाई माइकल चकमा पर बीते 9 दिसंबर को देहरादून में एक समूह ने हमला कर दिया था जिसके बाद इलाज के दौरान 26 दिसंबर को उसकी मृत्यु हो गई।

शिकायत में एंजेल के भाई ने क्या कहा है?

एंजेल चकमा के साथ मौजूद उनके भाई माइकल चकमा को भी चोटें आई थीं और उनका अस्पताल में इलाज चल रहा है। 21 वर्षीय माइकल चकमा द्वारा दर्ज कराई गई पुलिस शिकायत के अनुसार, दोनों भाइयों को 6 लोगों ने रोका था और जिन पर नस्लीय टिप्पणियाँ करते हुए उन्हें ‘चिंकी’, ‘चाइनीज’ और ‘मोमो’ कहा था। शिकायत के मुताबिक, हमलावरों में से एक ने कहा कि ‘ओए चाइनीज, क्या तुम पोर्क खरीदने आए हो?’।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, 5-6 लोगों के साथ झगड़े के बाद एंजेल के सिर और पीठ पर किसी नुकीली चीज और ‘कड़े’ से वार किया गया था। माइकल ने पुलिस को बताया कि उसके भाई ने लोगों को जवाब दिया कि ‘हम चाइनीज नहीं हैं, हम भारतीय हैं। यह साबित करने के लिए हमें कौन सा सर्टिफिकेट दिखाना होगा?’। पुलिस का कहना है कि कहासुनी जल्द ही लड़ाई में बदल गई और जब एंजेल अपने छोटे भाई को बचाने के लिए बीच में आया तो मुख्य आरोपित यज्ञ अवस्थी ने उसके सिर और पीठ पर चाकू मार दिया।

इसके बाद हमलावर भाग गए और माइकल अपने भाई को पास के अस्पताल ले गया। डॉक्टरों ने बताया कि चाकू से चकमा की रीढ़ की हड्डी को नुकसान पहुँचा था और हमले के बाद उसे कभी भी पूरी तरह होश नहीं आया। अस्पताल में ही इलाज के दौरान 26 दिसंबर को उसकी मौत हो गई।

5 आरोपितों को पुलिस ने पकड़ा, मुख्य आरोपित नेपाल भागा

देहरादून के थाना सेलाकुई क्षेत्र में हुई इस घटना को लेकर पुलिस ने 14 दिसंबर को ही 5 आरोपितों को पकड़ लिया है। इन 5 में दो आरोपित नाबालिग हैं और इन दोनों को कोर्ट में पेश करने के बाद सुधार गृह भेज दिया गया है। बाकी तीनों आरोपित फिलहाल जेल में हैं और उन्होंने अपनी जमानत के लिए कोर्ट में अर्जी भी दी है जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया है।

एंजेल की हत्या का छठा आरोपित यज्ञ अवस्थी फिलहाल फरार है और उस पर पुलिस ने 25,000 रुपए का इनाम भी घोषित कर दिया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, पुलिस ने यज्ञ की तलाश के लिए स्पेशल टीम का गठन किया है लेकिन वो घटना की रात को नेपाल भाग गया है। दैनिक भास्कर की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि यज्ञ अवस्थी नेपाल के कंचनपुर जिले के झलारी का रहने वाला था और बीते कुछ समय से सेलाकुई इलाके में रह रहा था।

हिमंता ने की कार्रवाई की माँग

असम के CM हिमंता ने मामले में कड़ी कार्रवाई किए जाने की माँग की है। उन्होंने X पर एक पोस्ट में लिखा, “देहरादून में नस्लीय दुर्व्यवहार के कारण चकमा की दुखद मृत्यु हृदयविदारक और अस्वीकार्य है।” उन्होंने आगे लिखा, “मैं उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर धामी से अपील करता हूं कि वह आरोपितों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करें ताकि न्याय सुनिश्चित हो।”

पीड़ित परिवार के साथ मजबूती से खड़े हैं: एंजेल के पिता से धामी ने की बात

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चकमा मामले पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए पीड़िता के पिता तरुण प्रसाद चकमा से फोन पर बातचीत की और उन्हें न्याय का पूरा भरोसा दिलाया। मुख्यमंत्री ने बताया कि मुख्य आरोपित के नेपाल फरार होने की आशंका है।

सीएम धामी ने कहा कि इस गंभीर और संवेदनशील घटना की जानकारी त्रिपुरा के मुख्यमंत्री डॉ. माणिक साहा के साथ-साथ केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को भी दी गई है। उन्होंने कहा कि यह घटना उन्हें व्यक्तिगत रूप से भी बेहद पीड़ादायक लगी है और वे पीड़ित परिवार के दुख को पूरी तरह समझते हैं।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि उत्तराखंड की पहचान हमेशा से शांत और सुरक्षित राज्य के रूप में रही है, जहाँ देश-विदेश से छात्र शिक्षा के लिए आते हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार दोषियों को कानून के तहत कठोरतम सजा दिलाने के लिए हर आवश्यक कदम उठाएगी। सीएम धामी ने कहा कि इस मुश्किल घड़ी में राज्य सरकार पीड़ित परिवार के साथ पूरी मजबूती से खड़ी है और उन्हें हर संभव सहायता प्रदान की जाएगी।