संभल में मौलाना के अवैध कब्जे पर चला UP सरकार का ‘बुलडोजर’, तालाब की जमीन पर बनी मस्जिद और 3 मकान हुए जमींदोज

उत्तर प्रदेश के संभल में सरकारी तालाब की जमीन पर किए गए अवैध कब्जे के खिलाफ प्रशासन ने बड़ा एक्शन लिया है। असमोली इलाके के राया बुजुर्ग गाँव में 880 वर्ग मीटर जमीन पर बनी एक मस्जिद और मौलाना के परिवार के तीन मकानों को तोड़ने का काम शुरू हो गया है। मौके पर 100 से ज्यादा पुलिसकर्मी और 3 बुलडोजर तैनात हैं, जबकि आसमान से ड्रोन के जरिए पूरी कार्रवाई पर नजर रखी जा रही है।

जब मौलाना के परिवार ने खुद उठाई हथौड़ी

सुबह करीब 9 बजे जब प्रशासन की टीम बुलडोजर लेकर पहुँची, तो मस्जिद के मौलाना और उनके भाइयों ने मिन्नतें कीं कि वे खुद अपना घर तोड़ लेंगे। उन्होंने छीनी-हथौड़ी से दीवारें गिराने की कोशिश भी की, लेकिन जब उनसे काम नहीं बना, तो प्रशासन ने मजबूरन बुलडोजर चलवा दिया

हालाँकि, एक भाई (जीशान) को छोटे बच्चों और रहने की जगह न होने की वजह से अपना सामान हटाने के लिए 5 दिन की मोहलत दी गई है, बाकी दो मकान ढहा दिए गए हैं।

तालाब की जमीन और कोर्ट का चक्कर

यह पूरा विवाद राया बुजुर्ग गाँव की 880 वर्ग मीटर तालाब की जमीन को लेकर है। अधिकारियों का कहना है कि यह कब्जा 2022 में ही चिह्नित कर लिया गया था। मामला इलाहाबाद हाई कोर्ट तक भी पहुँचा, लेकिन कोर्ट ने मस्जिद कमेटी और तीनों भाइयों की याचिका खारिज कर दी। प्रशासन ने पहले भी कई बार मोहलत दी थी, लेकिन जब अवैध निर्माण नहीं हटाया गया, तो आखिरकार आज यह कार्रवाई की गई।

मस्जिद गिराने के लिए मँगाई गई ‘हाइड्रा’ मशीन

प्रशासन के मुताबिक, मस्जिद (ग़ौसुलबरा मस्जिद) का निर्माण काफी मजबूत है। साधारण बुलडोजर से इसकी छत तोड़ना मुश्किल हो रहा था, इसलिए विशेष रूप से ‘हाइड्रा’ वाला बुलडोजर मँगाया गया है। मस्जिद के मुख्य ढाँचे को गिराने में अभी 5 से 6 दिन का समय और लग सकता है।