ईरान में जारी आर्थिक आंदोलन के बीच महिलाओं को ऐसी तस्वीरें सामने आई हैं जिन्होंने पूरी दुनिया का ध्यान खींच लिया है। सड़कों पर नारे, आग और झड़पों के बीच ईरानी महिलाएँ सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की तस्वीरें जलाकर उनसे सिगरेट सुलगा रही हैं। महिलाओं के लिए विरोध का यह तरीका सत्ता और सामाजिक बंदिशों को एक साथ ठुकराने का संदेश बन गया है।
यह विरोध ऐसे समय में सामने आया है जब देश में आर्थिक संकट, महँगाई और बेरोजगारी को लेकर गुस्सा चरम पर है। शुरू में ये प्रदर्शन आर्थिक माँगों तक सीमित थेले किन अब उनका स्वर पूरी व्यवस्था के खिलाफ होता जा रहा है। सड़कों पर उतर रहे लोग सुधार की माँग नहीं बल्कि इस्लामिक रिपब्लिक को ही नकारने की बात कर रहे हैं। महिलाओं के इस विरोध को 3 साल पहले महसा अमीनी की मौत के बाद शुरू हुए हिजाब विरोधी प्रदर्शन से जोड़कर देखा जा रहा है।
एक्सपर्ट मानते हैं कि सिगरेट यहाँ सिर्फ एक वस्तु नहीं बल्कि विरोध का एक प्रतीक है। महिलाओं के लिए धूम्रपान लंबे समय से सामाजिक और कानूनी तौर पर हतोत्साहित किया जाता रहा है। ऐसे में सार्वजनिक रूप से सिगरेट जलाना और वह भी सत्ता के सबसे बड़े चेहरे की तस्वीर से यह दोहरी बगावत का संकेत है। एक तरफ राजनीतिक सत्ता की खिलाफत है तो दूसरी ओर सामाजिक नियंत्रण को ठुकराने का ऐलान है।
🇮🇷 Las mujeres de Irán vuelven tendencia fotografiarse prendiendo un cigarrillo con la foto en llamas del líder supremo, Ali Jamenei. pic.twitter.com/ufYLoNaphU
— Progresismo Out Of Context (@OOCprogresismo2) January 9, 2026
ईरानी कानून के तहत सर्वोच्च नेता की तस्वीर जलाना गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है। इसके बावजूद इस तरह के वीडियो खुलेआम सामने आना यह दिखाता है कि डर की दीवार कमजोर पड़ रही है। प्रशासन ने विरोध को दबाने के लिए सख्ती बढ़ाई है, इंटरनेट पर नियंत्रण कड़ा किया गया है और चेतावनियाँ दी गई हैं लेकिन प्रतीकात्मक विरोध को रोक पाना आसान नहीं दिख रहा। डॉक्टरों और स्थानीय लोगों के अनुसार, हिंसा में बड़ी संख्या में लोग मारे गए हैं लेकिन सड़कों पर उतरने वालों की संख्या कम नहीं हुई है।

