देवरिया में 50 साल पुरानी अवैध मजार की गई समतल, कागज ना मिलने पर योगी प्रशासन ने चलाया बुलडोजर

उत्तर प्रदेश के देवरिया में प्रशासन ने अवैध कब्जों के खिलाफ बड़ी और निर्णायक कार्रवाई करते हुए गोरखपुर रोड स्थित देवरिया ओवरब्रिज से सटी हजरत शहीद सैय्यद अब्दुल गनी शाह बाबा की अवैध मजार के ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया शुरू कर दी है। रविवार (11 जनवरी 2026) को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच करीब 50 साल पुरानी इस मजार को गिराया गया।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, रविवार दोपहर 12 बजे मजार परिसर को पूरी तरह खाली कराया गया। इसके बाद नगर पालिका और प्रशासन की टीम ने 3 बुलडोजरों की मदद से ध्वस्तीकरण शुरू किया। लगभग 6 घंटे तक चली कार्रवाई में मजार का मुख्य द्वार, बाउंड्री वॉल, तीन दुकानें और गुंबद को ध्वस्त कर दिया गया। बेसमेंट को आंशिक रूप से तोड़ने के बाद अँधेरे और सुरक्षा कारणों से कार्रवाई रोक दी गई और अब सोमवार को बाकी हिस्से को तोड़ा जाएगा।

ध्वस्तीकरण के दौरान कानून-व्यवस्था बिगड़ने की स्थिति ना बने इसके लिए 6 थानों के करीब 300 पुलिसकर्मी घटनास्थल और उसके आस-पास मौजूद रहे। एसडीएम श्रुति शर्मा खुद मौके पर मौजूद रहीं और पूरी कार्रवाई की निगरानी की। नगर पालिका की ओर से पहले ही अवैध निर्माण हटाने का नोटिस जारी किया जा चुका था।

क्या है पूरा विवाद?

अब्दुल शाह गनी मजार गोरखपुर रोड ओवरब्रिज के पास बनी हुई है। साल 2019 में सबसे पहले इस मजार को लेकर तत्कालीन जिलाधिकारी से शिकायत की गई थी। शिकायत मिलने के बाद डीएम ने आरबीओ के जेई, तहसीलदार और लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को मौके पर जाकर जाँच करने और जरूरी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। इसके बाद 14 दिसंबर 2019 को मजार की देखरेख करने वाली समिति को नोटिस जारी किया गया लेकिन इसके बाद मामला लगातार तारीखों में उलझता चला गया।

शुक्रवार को इस मामले की सुनवाई एसडीएम कोर्ट में हुई। अपर जिला शासकीय अधिवक्ता जयदीप गुप्ता ने बताया कि कोर्ट पहले ही इस जमीन को बंजर घोषित कर चुका था। सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष से जमीन का नक्शा और मजार से जुड़े कागजात माँगे गए लेकिन वे कोई भी दस्तावेज पेश नहीं कर सके। इसके बाद कोर्ट ने नोटिस जारी करते हुए मजार को गिराने का आदेश दे दिया।