पाकिस्तान में भारत के पूर्व उच्चायुक्त (High Commissioner) अजय बिसारिया ने पाकिस्तान से अपने अचानक निष्कासन और 72-घंटे में वहाँ से निकलने के अनुभव को याद करते हुए एक दिलचस्प और भावनात्मक लेख साझा किया है।
यह घटना भारत द्वारा अनुच्छेद 370 को निरस्त करने के बाद हुई। उस समय बिसारिया पाकिस्तान में भारत के अंतिम उच्चायुक्त थे। अजय बिसारिया ने उस समय का अनुभव साझा करते हुए बताया कि पाकिस्तान की ओर से उन्हें अचानक 72 घंटे का अल्टीमेटम दिया गया कि वे पाकिस्तान छोड़ दें।
As India’s former High Commissioner to Pakistan and the last to serve before diplomatic ties were downgraded, @Ajaybis recalls the emotional and professional upheaval of a 72-hour exit from Pakistan after the abrogation of Article 370.
— India's World (@IndiasWorld_mag) January 11, 2026
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पाकिस्तान सरकार ने यह फैसला भारत के जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 को हटाने के बाद लिया था। इस निर्णय के बाद पाकिस्तान ने अपना विरोध जताने के लिए भारतीय उच्चायुक्त को निष्कासित कर दिया। बिसारिया के अनुसार यह अनुभव व्यक्तिगत और पेशेवर दोनों ही स्तर पर अत्यंत चुनौतीपूर्ण और भावनात्मक था।
अनुच्छेद 370 के बाद अचानक बदला माहौल
अजय बिसारिया लिखते हैं कि 5 अगस्त 2019 को भारत द्वारा अनुच्छेद 370 हटाए जाने से कुछ ही घंटे पहले उन्हें अंदेशा था कि हालात बिगड़ सकते हैं, लेकिन यह अनुमान नहीं था कि उन्हें उसी हफ्ते पाकिस्तान छोड़ना पड़ेगा। इस फैसले से पाकिस्तान में राजनीतिक और कूटनीतिक हलचल तेज हो गई और विदेश कार्यालय लगातार सक्रिय हो गया।
5 अगस्त 2019 की शाम बिसारिया को पाकिस्तान के विदेश कार्यालय बुलाया गया। वहाँ विदेश सचिव सोहेल महमूद ने भारत के फैसले पर कड़ा विरोध दर्ज कराया और कहा कि यह अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र प्रस्तावों का उल्लंघन है।
बिसारिया ने साफ जवाब दिया कि अनुच्छेद 370 भारत का आंतरिक मामला है और पाकिस्तान का इसमें कोई अधिकार नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत के कदम से नियंत्रण रेखा की स्थिति नहीं बदली है और सीमा-पार आतंकवाद ही कश्मीर समस्या की बड़ी वजह रहा है।
बढ़ता दबाव और निष्कासन का संकेत
बैठक के बाद पाकिस्तान ने आधिकारिक डिमार्श जारी किया। 7 अगस्त 2019 को पाकिस्तान की संसद में तीखी बयानबाजी हुई और विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने कूटनीतिक रिश्तों पर असर पड़ने के संकेत दिए। भारतीय उच्चायोग को हाई अलर्ट पर रखा गया और हर संभावित स्थिति, स्टाफ घटाने से लेकर मिशन बंद होने तक की तैयारी शुरू कर दी गई।
अंत में पाकिस्तान ने भारत से अपने उच्चायुक्त को वापस बुलाने का अनुरोध किया और अजय बिसारिया को 72 घंटे में देश छोड़ने को कहा गया। उन्होंने बताया कि उनकी विदाई बिना किसी औपचारिक समारोह के हुई। पत्नी भारती को चुपचाप इस्लामाबाद आकर पैकिंग पूरी करनी पड़ी।

