कलकत्ता हाईकोर्ट में बुधवार (14 जनवरी 2026) को हुई सुनवाई के दौरान उस समय माहौल तनावपूर्ण हो गया, जब इंडियन पॉलिटिकल एक्शन कमेटी (I-PAC) पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) की छापेमारी से जुड़े मामले पर बहस के दौरान कोर्ट में तीखी नोकझोंक देखने को मिली।
सुनवाई के दौरान मुख्यमंत्री को संबोधित करने के तरीके को लेकर ED और सत्तारूढ़ तृणमूल कॉन्ग्रेस (TMC) के वकीलों के बीच विवाद खड़ा हो गया, जिसके चलते कोर्टरूम का माहौल गरमा गया। यह टकराव I-PAC पर हुई ED की कार्रवाई से जुड़े तर्कों के दौरान सामने आया, जब दोनों पक्षों के बीच शब्दों को लेकर असहमति खुलकर सामने आ गई।
This is how senior advocate Menaka Guruawamy schooled Additional solicitor general SV Raju yesterday during the ED vs TMC hearing at Calcutta High court. pic.twitter.com/8xEp7KI31h
— Sourav || সৌরভ (@Sourav_3294) January 15, 2026
ममता के संबोधन पर विवाद
तृणमूल कॉन्ग्रेस की ओर से पेश हुईं वरिष्ठ अधिवक्ता मेनका गुरुस्वामी ने उस समय कड़ा विरोध दर्ज कराया, जब अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एसवी राजू ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को सुश्री बनर्जी कहकर संबोधित किया।
गुरुस्वामी ने दलील दी कि मुख्यमंत्री को उनके संवैधानिक पद के अनुरूप संबोधित किया जाना चाहिए और यहाँ तक कहा कि उन्हें बहु-कार्यकाल वाली मुख्यमंत्री कहा जाए। उनके अनुसार यह मुद्दा कोर्ट में सम्मान बनाए रखने से जुड़ा हुआ है।
हालाँकि, आपत्ति दर्ज कराने का तरीका खुद चर्चा का विषय बन गया। मेनका गुरुस्वामी ने खुली कोर्ट में एसवी राजू पर चिल्लाते हुए उन्हें बार-बार म्यूट योरसेल्फ कहकर टोकने की कोशिश की, जबकि राजू शांत तरीके से अपनी बात रखने का प्रयास कर रहे थे।
एक ओर मुख्यमंत्री के सम्मान की बात कही जा रही थी, वहीं दूसरी ओर एक वरिष्ठ अधिवक्ता का इस तरह का व्यवहार कई लोगों को चौंकाने वाला लगा, क्योंकि कोर्ट में इस तरह का आचरण अपेक्षित नहीं माना जाता।
सुनवाई के दौरान ममता बनर्जी की भूमिका पर भी फिर से चर्चा हुई। ED का कहना है कि मुख्यमंत्री होने के बावजूद ममता बनर्जी ने एजेंसी की जाँच में हस्तक्षेप किया, जो इस मामले में ED और पश्चिम बंगाल सरकार के बीच जारी कानूनी और राजनीतिक टकराव का एक अहम बिंदु बना हुआ है।
इस मौखिक टकराव ने मामले को और सुर्खियों में ला दिया है। कोर्टरूम में हुआ यह ड्रामा पहले से ही तनावपूर्ण माहौल में चल रहे ED और पश्चिम बंगाल सरकार के बीच विवाद को और तीखा करता नजर आया।

