पूर्वोत्तर भारत में सुरक्षा एजेंसियों ने साल 2025 में आतंकवाद के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। इस दौरान करीब 500 आतंकियों को गिरफ्तार किया गया। अधिकारियों के मुताबिक, ये अभियान मणिपुर, असम, मिजोरम, अरुणाचल प्रदेश और त्रिपुरा में चलाए गए, जिससे साफ होता है कि खतरा किसी एक राज्य तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे क्षेत्र में फैला हुआ है।
Amid fragile peace in Manipur, 500 insurgents held across North-East in 2025 @animesh0712 reports https://t.co/Qfo1kSBuKt
— The Tribune (@thetribunechd) January 22, 2026
साल भर में करीब 1,900 ग्रेनेड, 300 से ज्यादा बम, दर्जनों रॉकेट, लगभग 1,400 आईईडी, करीब 20,000 डेटोनेटर और बड़ी संख्या में जिलेटिन की छड़ें जब्त की गईं। अधिकारियों का कहना है कि इससे यह साफ होता है कि लगातार निगरानी के बावजूद आतंकियों के पास अब भी खतरनाक हथियारों तक पहुँच बनी हुई है।
3000 किलो ड्रग्स भी किए गए जब्त
हथियारों के साथ-साथ नशे का कारोबार भी बड़ी चिंता बना हुआ है। सिर्फ 2025 में ही पूर्वोत्तर राज्यों से करीब 3,000 किलो ड्रग्स जब्त किए गए। मणिपुर के कुछ इलाकों, खासकर म्यांमार सीमा के पास, अवैध अफीम की खेती में भी बढ़ोतरी देखी गई है।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने क्षेत्र की आंतरिक सुरक्षा के लिए ड्रग्स को अगली बड़ी चुनौती बताया है और नशे के नेटवर्क को आतंकियों की फंडिंग से जोड़ा है।
हालाँकि मणिपुर में जातीय हिंसा के पिछले दौर की तुलना में अब हिंसक घटनाओं में कमी आई है, लेकिन हालात अब भी तनावपूर्ण और अस्थिर बने हुए हैं। इसी महीने के भीतर बिष्णुपुर जिले में कई विस्फोटों की खबरें सामने आईं, जिनमें एक पेट्रोल पंप और एक खाली मकान में धमाका शामिल है, जिससे लोगों में दहशत फैल गई।
रिपोर्ट्स के अनुसार, निलंबन समझौते (सस्पेंशन ऑफ ऑपरेशंस) के तहत आने वाले कई आतंकी संगठनों को तय शिविरों में रहने और पिछले करीब तीन साल के अशांति के दौरान लूटे गए हथियार वापस करने को कहा गया है।

