जब पूरा देश सोमवार (26 जनवरी 2026) को गणतंत्र दिवस के उत्सव में डूबा हुआ था, उसी दौरान महाराष्ट्र की एक महिला वन रक्षक वीडियो इंटरनेट पर वायरल हो गया जिसमें वह रोती हुई नजर आ रही थीं। वायरल वीडियो में वन रक्षक माधवी जाधव महाराष्ट्र के कैबिनेट मंत्री गिरीश महाजन पर एक अजीब वजह से गुस्सा निकालते और रोते हुए नजर आईं।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, माधवी जाधव मंत्री गिरीश महाजन से इसलिए नाराज थीं क्योंकि उन्होंने नासिक में आयोजित ध्वजारोहण समारोह के दौरान अपने गणतंत्र दिवस के भाषण में डॉ. भीमराव अंबेडकर का नाम नहीं लिया। गौरतलब है कि डॉ. अंबेडकर भारत के पहले कानून और न्याय मंत्री थे और भारतीय संविधान का मसौदा तैयार करने वाली समिति के अध्यक्ष भी रहे।
नाशिकमध्ये महिला पोलिसानं गिरीश महाजनांना विचारला जाव, थेट नोकरी सोडण्याची दाखवली तयारी pic.twitter.com/knTrfhd1y7
— News18 Marathi (@News18_marathi) January 26, 2026
बताया गया कि जब गिरीश महाजन गणतंत्र दिवस कार्यक्रम में सभा को संबोधित कर रहे थे, तभी महिला अधिकारी ने जोर-जोर से चिल्लाते हुए और रोते हुए हंगामा खड़ा कर दिया। माधवी जाधव ने भाषण में अंबेडकर का नाम न लेने को उनकी पहचान मिटाने की कोशिश बताया।
A major controversy erupted during the official Republic Day flag-hoisting ceremony attended by Minister Girish Mahajan. Forest Department employee Madhavi Jadhav staged a loud protest, expressing deep resentment after the Minister failed to mention Dr. Babasaheb Ambedkar in his… pic.twitter.com/BiRpJhD5vj
— Pune Mirror (@ThePuneMirror) January 26, 2026
माधवी जाधव ने कहा, “जिस व्यक्ति की वजह से संविधान है, क्या आप उन्हें मिटाने की कोशिश कर रहे हैं? यह मंत्री की बहुत बड़ी गलती है। मैं माफी नहीं माँगूँगी। पालक मंत्री को यह गलती स्वीकार करनी होगी। मुझे मीडिया से कोई मतलब नहीं है। मैं रेत से भरे ट्रक उतार सकती हूँ, मेहनत-मजदूरी कर सकती हूँ लेकिन मैं बाबासाहेब की पहचान मिटने नहीं दूँगी। अगर आप मुझे सस्पेंड करना चाहते हैं तो कर दीजिए लेकिन मैं बाबासाहेब को मिटने नहीं दूँगी।” इस दौरान आसपास मौजूद लोगों ने उन्हें शांत कराने की कोशिश की। बाद में उन्हें कार्यक्रम स्थल से हटा दिया गया और कुछ समय के लिए हिरासत में भी लिया गया।
गिरीश महाजन ने माँगी माफी, बोल- गलती अनजाने में हुई
आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए गिरीश महाजन ने सफाई दी और कहा कि डॉ. अंबेडकर का नाम भाषण में न आ पाना अनजाने में हुआ। उन्होंने इस चूक के लिए माफी भी माँगी। महाजन ने कहा, “यह अनजाने में हुआ होगा। मेरा ऐसा कोई इरादा नहीं था। मैंने ‘भारत माता की जय’, ‘वंदे मातरम्’ और ‘छत्रपति शिवाजी महाराज की जय’ जैसे नारे लगाए। किसी का नाम जानबूझकर छोड़ने का मेरा कोई इरादा नहीं था।”
डॉ. अंबेडकर का नाम न लेना ‘अपराध’: अंबेडकर के पोते
हालाँकि, महाजन की माफी के बावजूद यह मामला और विवादित हो गया। कुछ नेताओं ने दावा किया कि डॉ. अंबेडकर का नाम न लेना अपराध की श्रेणी में आता है। वंचित बहुजन आघाड़ी (VBA) के प्रमुख और डॉ. अंबेडकर के पोते प्रकाश अंबेडकर ने गिरीश महाजन के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की बात कही। प्रकाश अंबेडकर ने दावा किया कि महाजन का भाषण अनुसूचित जाति-जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत अपराध है।
प्रकाश अंबेडकर ने बताया कि उन्होंने माधवी जाधव से फोन पर बात की और पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। उन्होंने X पर लिखा, “आज नासिक में मैंने वन रक्षक माधवी जाधव से फोन पर बात की, जो BJP के मंत्री गिरीश महाजन की घटिया मानसिकता के खिलाफ खुलकर विरोध कर रही थीं। माधवी जाधव ने मुझे पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी। मंत्री गिरीश महाजन का यह कृत्य अत्याचार अधिनियम के तहत अपराध है। इस संबंध में वंचित बहुजन आघाड़ी नासिक पश्चिम समिति पुलिस में शिकायत दर्ज कराने की कोशिश कर रही है।”
उन्होंने आगे लिखा, “अगर पुलिस इस अपराध को दर्ज नहीं करती है, तो मैं खुद इस मामले में कानूनी दस्तावेज तैयार करूँगा और पुलिस को अपराध दर्ज करने के लिए मजबूर करूँगा। RSS-BJP लगातार डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर का अपमान करती रही है। हम भाजपा और गिरीश महाजन के इन कृत्यों की खुलकर निंदा करते हैं।”
कॉन्ग्रेस सांसद वर्षा एकनाथ गायकवाड़ ने भी मंत्री गिरीश महाजन पर हमला बोला है और वन विभाग की अधिकारी माधवी जाधव को हीरो बताया है। उन्होंने दावा किया कि भाजपा के मंत्रियों को डॉ. अंबेडकर का अपमान करने की आदत है।

