आज देश की नजरे बजट पर टिकी हैं और इशी के साथ बजट से जुड़ी तैयारियों की प्रक्रिया भी चर्चा में है। हर साल की तरह इस बार भी बजट आने से पहले वित्त मंत्रालय ने सख्त गोपनीयता का ख्याल रखा है। बजट पेश होने से ठीक पहले हलवा सेरेमनी के बाद नजरबंद किए गए थे। वे आज (01 फरवरी 2026) को बजट पेश होते ही आजाद हो जाएँगे।
दरअसल, बजट प्रक्रिया की यह अहम परंपरा हलवा सेरेमनी से शुरू होती है, जो इस बार 24 जनवरी 2026 को आयोजित की गई थी। इस दिन वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट बनाने में शामिल अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ हलवा बाँटा। इसके साथ ही यह साफ हो जाता है कि बजट के बड़े फैसले तय हो चुके हैं और अब किसी भी तरह का बदलाव नहीं किया जाएगा। इसी के बाद दस्तावेजों की अंतिम छपाई का काम शुरू होता है।
खास बात यह है कि इस हलवा सेरेमनी के तुरंत बाद वित्त मंत्रालय के लगभग 100 से ज्यादा अधिकारी और कर्मचारी लॉक-इन पीरियड में चले जाते हैं। यह लॉक-इन पीरियड करीब 8 दिनों तक चलता है। इस दौरान इन अधिकारियों को न तो घर जाने की इजाजत थी और न ही परिवार या किसी बाहरी व्यक्ति से संपर्क करने की। उनके मोबाइल फोन, लैंडलाइन, इंटरनेट, ई-मेल और सोशल मीडिया पूरी तरह बंद कर दिए गए थे।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, लॉक-इन के दौरान सभी अधिकारी नॉर्थ ब्लॉक यानी बजट परिसर के भीतर ही रहते हैं और वहीं बजट से जुडडे गोपनीय दस्तावेजों पर काम करते हैं। बजट की छपाई, आँकड़ों की जाँच और अंतिम मिलान इसी दौरान किया जाता है।
सरकार यह सख्ती इसलिए बरतती है ताकि टैक्स दरों, सरकारी खर्च, सब्सिडी और योजनाओं से जुड़ी कोई भी संवेदनशील जानकारी पहले से लीक न हो। अगर बजट की जानकारी समय से पहले बाहर आ जाए, तो इसका सीधा असर शेयर बाजार और अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है।
अब आज जैसे ही संसद में बजट पेश किया जाएगा, उसी पल यह लॉक-इन पीरियड खत्म हो जाएगा। इसके बाद सभी नजरबंद अधिकारी और कर्मचारी अपने घर लौट सकेंगे और उनके फोन व इंटरनेट की सुविधा भी बहाल हो जाएगी। साथ ही बजट से जुड़े सभी दस्तावेज सरकार की आधिकारिक वेबसाइट और बजट ऐप पर आम लोगों के लिए उपलब्ध करा दिए जाएँगे। इस तरह हलवा सेरेमनी से शुरू हुई बजट की गोपनीय प्रक्रिया आज बजट पेश होते ही पूरी हो जाएगी।

