डीजीपी के मुताबिक, ‘‘हमने अब तक 16 शव बरामद किए हैं, लेकिन विस्फोट के समय खदान के अंदर कितने लोग मौजूद थे, इसकी सही जानकारी अभी नहीं है। कई लोगों के फँसे होने की आशंका है।”
बताया जा रहा है कि धमाका इतना तेज था कि दूर दूर तक आवाजें सुनाई दी। धमाके की वजह से अंदर काम कर रहे मजदूरों को बाहर निकलने का मौका नहीं मिला। मरने वाले मजदूर ज्यादातर असम के बताए जा रहे हैं। प्रशासन ने आसपास के इलाके को घेर लिया है। आवाजाही बंद कर दी गई है और धमाके के कारणों का पता लगाया जा रहा है। शुरुआती जाँच में गैस रिसाव और तकनीकी खामी को धमाके की वजह बताया जा रहा है।

