AI से पढ़ाई होगी आसान, कौशल-किताबों में बनाए संतुलन: ‘परीक्षा पे चर्चा’ में PM मोदी ने दी नसीहत, असमिया गमछा पहना छात्र-छात्राओं से किया संवाद

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार (06 फरवरी 2026) को परीक्षा पर चर्चा के 9वें संस्करण में छात्रों, शिक्षकों और अभिभावकों से सीधे संवाद किया। प्रधानमंत्री ने परीक्षाओं के नजदीक छात्र-छात्रों के आत्मविश्वास, तनाव और करियर से जुड़े सवालों पर बातचीत की।

खास बात यह है कि इस एपिसोड में पीएम ने देश के अलग-अलग हिस्सों में जाकर छात्रों से सीधे संवाद किया। उन्होंने गुजरात के देवमोगरा, तमिलनाडु के कोयंबटूर, छत्तीसगढ़ के रायपुर, असम के गुवाहाटी और दिल्ली स्थित अपने आवास पर असमिया गमछे पहने छात्रों से बात की। यहाँ छात्रों ने प्रधानमंत्री मोदी को तरह-तरह के उपहार भी भेंट किए।

कौशल औऱ पढ़ाई में संतुलन पर बोले पीएम मोदी

संवाद और सवालों के जवाब देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि हम अक्सर सोचते रहते हैं हम अक्सर सोचते रहते हैं कि क्या पढ़ें, क्या करें और क्या सही है। इसका सबसे सरल जवाब है- हर चीज में संतुलन रखना।

प्रधानमंत्री ने बताया कि कौशल दो तरह के होते हैं – जीवन कौशल और काम से जुड़े कौशल। काम से जुड़े कौशल पर पीएम मोदी ने कहा कि सिर्फ किताबें पढ़ना काफी नहीं होता। बड़ों से सीखना, हर दिन कुछ नया सीखना और नई तकनीक को समझना भी जरूरी है। उम्र चाहे जो भी हो, सीखते रहना बहुत जरूरी है।

गेमिंग में करियर पर पीएम मोदी की सलाह

एक छात्र ने प्रधानमंत्री मोदी से कहा कि उसे गेमिंग में रुचि है, लेकिन समाज और लोग उसे सिर्फ पढ़ाई पर ध्यान देने को कहते हैं। छात्र ने बताया कि उसे लगता है कि उसका भविष्य गेमिंग में है और उसने पूछा कि उसे क्या करना चाहिए।

इस पर प्रधानमंत्री मोदी ने जवाब दिया कि शुरुआत में माता-पिता अक्सर मना करते हैं, यह सामान्य बात है। लेकिन उन्होंने छात्र को सलाह दी कि शांत रहकर मेहनत करते रहो और खुद को साबित करो। पीएम मोदी ने कहा कि जब आप अपने काम में सफलता पा लेते हैं और कोई मेडल या पहचान हासिल कर लेते हैं, तो वही सफलता माता-पिता और परिवार का सम्मान बन जाती है। इसके बाद कोई आपको रोकता नहीं है।

पीएम ने महान लोगों की जीवनियाँ पढ़ने की दी सलाह

इस सवाल पर एक छात्र ने प्रधानमंत्री मोदी से मार्गदर्शन माँगा। जवाब में प्रधानमंत्री मोदी ने सबसे पहला सुझाव दिया कि महान लोगों की जीवनियाँ पढ़नी चाहिए। उन्होंने कहा कि इससे यह समझ आता है कि आज जो लोग बड़े और सफल हैं, वे भी कभी हमारी ही तरह सामान्य हालात में थे।

पीएम मोदी ने बताया कि जीवनियां पढ़ने से हमें सही और व्यावहारिक योजना बनाने में मदद मिलती है। साथ ही यह याद रहता है कि सफलता एक दिन में नहीं मिलती, बल्कि सीढ़ी की तरह कदम-दर-कदम आगे बढ़कर हासिल होती है। हर सफल व्यक्ति भी एक इंसान होता है, जिसने मेहनत और धैर्य से मंजिल पाई होती है।

पीएम मोदी ने कहा, AI से पढ़ाई होगी आसान

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि तकनीक एक बेहतरीन शिक्षक है। उन्होंने बताया कि आज के समय में छात्रों को तकनीक की मदद पहले से कहीं ज्यादा मिल रही है, जो पहले संभव नहीं थी।

पीएम मोदी ने कहा कि छात्र कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) का उपयोग पढ़ाई के नोट्स या सारांश बनाने में कर सकते हैं। साथ ही, AI से सुझाव लेकर अपनी समझ और सोच को और बेहतर बनाया जा सकता है। हालांकि उन्होंने यह भी साफ किया कि तकनीक से लक्ष्य जल्दी नहीं मिल जाता, लेकिन यह पढ़ाई में एक मजबूत सहायक जरूर बन सकती है।