बिहार के मुजफ्फरपुर के केशोपुर निवासी मोहम्मद ताजुद्दीन का एक विवादित वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। इस वीडियो में कट्टरपंथी ताजुद्दीन ने ब्राह्मणों के लेकर अभद्र टिप्पणियाँ की हैं। ताजुद्दीन कह रहा है कि ‘औरंगजेब ने मंदिर इसलिए तोड़े क्योंकि ब्राह्मण मंदिरों के अंदर महिलाओं से बलात्कार करते थे’।
"Aurangazeb destroyed temples because Brahmins r@ped women inside temples"
— Kreately.in (@KreatelyMedia) February 5, 2026
Mohammad Tajuddin is deliberately spreading fake information.
He is from the Keshopur area in Muzaffarpur, Bihar.
cc @bihar_police @MuzaffarpurPol3 @kanteshmishra pic.twitter.com/a3QPPqzIMY
वीडियो में मोहम्मद ताजुद्दीन यह दावा करता है कि लोगों से इतिहास छिपाया गया है और वह सच्चाई को सामने ला रहा है। वह मथुरा के जाट विद्रोह के बाद की घटनाओं का हवाला देते हुए कहता है कि 1669 में अब्दुल नबी की हत्या हुई थी और 1670 में मुगल शासक औरंगजेब ने मथुरा पर हमला किया था।
ताजुद्दीन ने कहा है कि इसी दौरान केशवदेव मंदिर को एक कथित घटना के बाद ध्वस्त किया गया, जिसमें एक महिला पूजा के लिए मंदिर गई और वापस घर नहीं लौटी। वह दावा करता है कि महिला के पति ने औरंगजेब के दरबार में शिकायत की जिसके बाद सम्राट ने अधिकारियों को महिला की तलाश का आदेश दिया।
उसके अनुसार, महिला का शव बाद में मंदिर के पीछे मिला और उसने इस अपराध के लिए ब्राह्मण पुजारियों को जिम्मेदार ठहराया। वह यह भी कहता है कि औरंगजेब ने एक पुजारी की गर्दन काटने का आदेश दिया और इसी घटना के चलते मंदिरों को तोड़ने की शुरुआत हुई।
वीडियो में ताजुद्दीन बार-बार दर्शकों से मुगल साम्राज्य पर किताबें पढ़ने की अपील करता है और दावा करता है कि उसने स्क्रीन पर पुस्तकों के संदर्भ भी दिखाए हैं।
इसके अलावा, वह ज्ञानवापी मस्जिद को लेकर भी विवादित दावे करता है और कहता है कि औरंगज़ेब ने हिंदू-मुस्लिम टकराव रोकने के लिए इसे ध्वस्त करने का आदेश दिया था, क्योंकि मंदिर और मस्जिद पास-पास स्थित थे। वह इसे ऐतिहासिक तथ्य के रूप में पेश करते हुए दावा करता है कि यहीं से लंबे समय तक चलने वाली धार्मिक दुश्मनी की शुरुआत हुई।
वीडियो के अंत में ताजुद्दीन बिहार पुलिस को सीधे संबोधित करता है और कहता है कि उसे गिरफ्तारी या जेल का कोई डर नहीं है, साथ ही यह भी दावा करता है कि सरकारें समय के साथ बदलती रहती हैं।
"I am not scared of the Police or jail. This government will change one day. I will fight elections & become an MLA or MP and then I teach you a lesson."
— Kreately.in (@KreatelyMedia) February 7, 2026
This is a direct challenge to @bihar_police @MuzaffarpurPol3 @kanteshmishra https://t.co/lGRl41Bbi7 pic.twitter.com/M6yLAjlOBg
वीडियो में मोहम्मद ताजुद्दीन यह भी कहता है कि वह भविष्य में चुनाव लड़ेगा और विधायक (MLA) या सांसद (MP) बनेगा। वह स्थानीय पुलिस थाने से अपील करता है कि उसके परिवार को परेशान न किया जाए और यदि कोई समस्या हो तो अधिकारी सीधे उससे संपर्क करें।
ताजुद्दीन दावा करता है कि उसने कोई अपराध या राष्ट्र-विरोधी कार्य नहीं किया है और संविधान के अधिकारों का हवाला देते हुए अनुच्छेद 20 का उल्लेख करता है। वह कहता है कि किसी को जाति या धर्म के आधार पर निशाना नहीं बनाया जाना चाहिए और ज़रूरत पड़ने पर वह जेल जाने के लिए भी तैयार है।
यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। फिलहाल, इस मामले पर प्रशासन या संबंधित अधिकारियों की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।

