‘विकसित मध्य प्रदेश’ के विजन के साथ ₹4.38 लाख करोड़ का बजट पेश, 37500 सरकारी नौकरियों का ऐलान, किसानों-महिलाओं-युवाओं पर फोकस: जानें- MP बजट की बड़ी बातें

मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए अपना बड़ा बजट पेश कर दिया है। उपमुख्यमंत्री और वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने विधानसभा में लगातार छठी बार बजट भाषण पढ़ा। करीब 4.38 लाख करोड़ रुपए का यह बजट कई मायनों में ऐतिहासिक रहा, क्योंकि प्रदेश के इतिहास में पहली बार इसे पूरी तरह डिजिटल (पेपरलेस) रूप में पेश किया गया। सरकार ने इस बजट के जरिए किसान, महिला, युवा और गरीब- सभी वर्गों को साधने की कोशिश की है।

किसान और खेती: 2026 ‘किसान कल्याण वर्ष’ घोषित

मोहन यादव सरकार ने खेती-किसानी को लाभ का धंधा बनाने के संकल्प के साथ इस साल को ‘किसान कल्याण वर्ष‘ के रूप में मनाने का फैसला किया है। इसी उद्देश्य की पूर्ति के लिए बजट में कृषि और उससे जुड़े क्षेत्रों के लिए 1.15 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा का भारी-भरकम प्रावधान किया गया है।

किसानों को सस्ती सिंचाई की सुविधा देने के लिए प्रधानमंत्री कृषक सौर सिंचाई योजना के तहत 3 हजार करोड़ रुपए की लागत से 1 लाख सोलर पंप लगाए जाएँगे। इसके अलावा, किसानों की आर्थिक मजबूती के लिए 25 हजार करोड़ रुपए का अल्पकालीन ऋण देने का लक्ष्य रखा गया है और मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना के लिए 5500 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं। साथ ही, सिंचाई व्यवस्था को विस्तार देने के लिए केन-बेतवा लिंक परियोजना हेतु भी 1000 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।

महिलाओं और बच्चों के लिए बड़ी सौगातें

मोहन यादव सरकार के बजट में महिला सशक्तिकरण को प्राथमिकता की सूची में शीर्ष पर रखा गया है, जिसके तहत प्रदेश की सवा करोड़ से अधिक महिलाओं को लाभ पहुँचाने वाली ‘लाड़ली बहना योजना‘ के लिए 23,882 करोड़ रुपए का भारी-भरकम बजट आवंटित किया गया है।

बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य और पोषण स्तर को ध्यान में रखते हुए सरकार ने कक्षा 8वीं तक के छात्रों को टेट्रा पैक में मुफ्त दूध उपलब्ध कराने की नई और महत्वपूर्ण घोषणा की है। साथ ही, गौ-सेवा की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए गौशालाओं के लिए चारे पर मिलने वाले अनुदान को 20 रुपए से दोगुना कर 40 रुपए प्रति गाय कर दिया गया है।

इसके अलावा, मध्य प्रदेश को ‘मिल्क कैपिटल’ बनाने के विजन के साथ डॉ भीमराव अंबेडकर कामधेनु योजना पर भी विशेष जोर दिया गया है।

युवाओं को रोजगार और शिक्षा-स्वास्थ्य पर निवेश

बेरोजगारी को दूर करने और युवाओं को सशक्त बनाने के उद्देश्य से सरकार ने इस बजट में सरकारी भर्तियों का पिटारा खोल दिया है। विशेष रूप से शिक्षा और सुरक्षा के क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर नौकरियों का ऐलान किया गया है, जिसके तहत सरकार 15 हजार शिक्षकों की भर्ती करेगी, वहीं पुलिस विभाग में 22,500 पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू करने का महत्वपूर्ण प्रावधान किया गया है।

प्रदेश के बुनियादी ढाँचे को मजबूत करने के लिए शिक्षा विभाग को 31,953 करोड़ और स्वास्थ्य क्षेत्र को 24,144 करोड़ रुपए की भारी-भरकम राशि आवंटित की गई है। साथ ही, गरीबों को बेहतर इलाज सुनिश्चित करने के लिए आयुष्मान भारत योजना हेतु 863 करोड़ रुपए का बजट रखा गया है, ताकि समाज के हर वर्ग को मुफ्त और सुलभ चिकित्सा सुविधा मिलती रहे।