अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप फिर से भारत के खिलाफ भारी टैरिफ लगाने का बहाना खोज रहे हैं। इसे लेकर अमेरिका के भीतर ही विरोध शुरू हो गया है। अमेरिकी कॉन्ग्रेस के सदस्य ब्रैड शर्मन ने इस फैसले की कड़ी आलोचना करते हुए इसे अनुचित और पक्षपातपूर्ण करार दिया है।
उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा, “भारत को रूस से सिर्फ 21% क्रूड ऑयल मिलता है, लेकिन हमारे साथी को ही निशाना बनाया जा रहा है। प्रेसिडेंट को तुरंत इस पॉलिसी को बदलना चाहिए।” ब्रैड शर्मन ने आरोप लगाया कि ट्रंप प्रशासन रूसी तेल खरीद को बहाना बनाकर भारत पर आर्थिक दबाव डालने की योजना बना रहा है।
President Trump is grasping for excuses to slap outrageous tariffs on #India.
— Congressman Brad Sherman (@BradSherman) February 18, 2026
He claims it’s about importing Russian oil — yet Hungary imports 90% of its crude from Russia with no tariffs. And China, Russia’s biggest oil buyer, hasn’t been hit with sanctions tied to purchasing…
शर्मन ने बताया कि भारत अपनी कुल तेल जरूरतों का केवल लगभग 21 प्रतिशत ही रूस से आयात करता है, इसके बावजूद उस पर टैरिफ लगाने की तैयारी की जा रही है। वहीं हंगरी जैसे देश, जो अपनी करीब 90 प्रतिशत तेल जरूरतें रूस से पूरी करता है और चीन, जो रूस का सबसे बड़ा तेल खरीदार है, उन पर इस आधार पर कोई टैरिफ नहीं लगाया गया है।
शर्मन ने इसे अमेरिकी नीति में स्पष्ट असंगति बताया और कहा कि इससे भारत-अमेरिका के द्विपक्षीय व्यापार संबंधों में तनाव पैदा हो सकता है।

