दिल्ली में 25 नई अटल कैंटीन, LG विनय कुमार सक्सेना और CM रेखा गुप्ता ने किया उद्घाटन: गरीबों-मजदूरों को सिर्फ ₹5 में मिलता है पौष्टिक खाना

दिल्ली के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने गुरुवार (19 फरवरी 2026) को कृष्णा नगर की नर्सरी बस्ती से डिजिटल तरीके से 25 नए अटल कैंटीन का उद्घाटन किया। इससे दिल्ली में अटल कैंटीन की कुल संख्या 71 हो गई है। उद्घाटन के बाद दोनों नेताओं ने अन्य गणमान्य व्यक्तियों के साथ जनता के बीच बैठकर कैंटीन में भोजन भी किया।

उपराज्यपाल ने कहा, “25 नए अटल कैंटीन का शुभारंभ दिल्ली के लिए महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। अब शहर के विभिन्न हिस्सों में 71 कैंटीन चल रही हैं, जहां स्वच्छ और पौष्टिक भोजन सस्ते दाम पर मिल रहा है। यह योजना गरीबों और जरूरतमंदों के लिए बहुत फायदेमंद साबित हो रही है।”

उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने आगे बताया कि यह योजना पिछले साल 25 दिसंबर को पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की 101वीं जयंती पर शुरू की गई थी। यह आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों, प्रवासी मजदूरों, छात्रों, रिक्शा चालकों, सफाई कर्मियों, घरेलू सहायकों और दिहाड़ी मजदूरों को विशेष मदद दे रही है। सरकार प्रति भोजन 25 रुपए की सब्सिडी दे रही है ताकि जरूरतमंदों को गरिमा के साथ भोजन मिले। गुणवत्ता, स्वच्छता और पारदर्शिता के लिए नियमित निगरानी की व्यवस्था की गई है।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा, “अटल कैंटीन उन लोगों को समर्पित है जो रोज कड़ी मेहनत करके अपने परिवार का पेट पालते हैं। सरकार का दायित्व है कि उन्हें सस्ता, गरिमामय और पौष्टिक भोजन मिले। यह योजना सिर्फ भोजन नहीं, बल्कि गरीबों, मजदूरों, रेहड़ी वालों और निर्माण मजदूरों में सम्मान, सुरक्षा और समावेशन की भावना जगाती है।”

मुख्यमंत्री ने बताया कि ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास’ के सिद्धांत पर काम करते हुए सरकार सुनिश्चित कर रही है कि दिल्ली में कोई भूखा न सोए। सिर्फ 5 रुपये में दाल, चावल, रोटी और सब्जी वाला संतुलित भोजन मिल रहा है। जल्द ही कैंटीनों की संख्या 100 करने का लक्ष्य है। पारदर्शिता के लिए डिजिटल टोकन सिस्टम और सीसीटीवी लगाए गए हैं, भोजन स्टील की थाली में परोसा जाता है और बिलिंग पूरी तरह कम्प्यूटरीकृत है।

शहरी विकास मंत्री आशीष सूद ने कहा कि सरकार अंत्योदय के संकल्प को साकार कर रही है। 57 दिनों में 14 लाख 58 हजार से ज्यादा लोगों ने 5 रुपए में भोजन लिया। पहले 46 कैंटीन में औसतन रोज 26 हजार लोगों को भोजन मिला। नए 25 कैंटीन से रोज 50 हजार से ज्यादा जरूरतमंदों को फायदा होगा।

कार्यक्रम में केंद्रीय राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा, विधायक डॉ. अनिल गोयल, वरिष्ठ अधिकारी और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे। ये कैंटीन दिल्ली शहरी आश्रय सुधार बोर्ड (दूसीब) द्वारा संचालित की जा रही हैं।