सोशल मीडिया पर सनसनी फैलाने और लोगों को गुमराह करने के लिए इन दिनों फेक न्यूज का सहारा लिया जा रहा है। हाल ही में ‘Janta News TV’ नाम के एक यूट्यूब चैनल ने एक वीडियो शेयर किया है, जिसके थंबनेल में दावा किया गया है कि सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस (CJI) सूर्यकांत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ ‘फाँसी’ जैसा कड़ा फैसला सुनाया है। पीआईबी (PIB) फैक्ट चेक ने इस दावे की पड़ताल की है और इसे पूरी तरह से फर्जी (Fake) करार दिया है।
AI और नामचीन चेहरों का गलत इस्तेमाल
इस फर्जी वीडियो को विश्वसनीय दिखाने के लिए इसमें वरिष्ठ पत्रकार रवीश कुमार की फोटो का इस्तेमाल किया गया है, ताकि लोग इसे सच मान लें। जाँच में सामने आया है कि यह एक एआई-जनरेटेड (AI-generated) वीडियो है।
वीडियो के थंबनेल में न केवल फाँसी की बात कही गई है, बल्कि यह भी झूठ फैलाया गया है कि सुप्रीम कोर्ट ने प्रधानमंत्री को इस्तीफा देने का आदेश दिया है। यह सब केवल व्यूज बटोरने और राजनीतिक अस्थिरता का भ्रम पैदा करने के लिए किया गया है।
#YouTube चैनल "Janta News TV" के एक #फर्जी एआई वीडियो के थंबनेल में दावा किया जा रहा है कि सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के विरुद्ध न्यायिक कार्रवाई के आदेश दिए हैं। #PIBFactCheck
— PIB Fact Check (@PIBFactCheck) February 24, 2026
▶️ सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य… pic.twitter.com/vCh6t529fe
PIB फैक्ट चेक ने बताया सच
सरकार की आधिकारिक फैक्ट चेक इकाई ‘PIB Fact Check’ ने स्पष्ट किया है कि सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस ने ऐसा कोई निर्णय नहीं दिया है। पीआईबी ने ट्वीट कर लोगों को आगाह किया है कि ‘Janta News TV’ द्वारा किया गया यह दावा पूरी तरह निराधार है। सुप्रीम कोर्ट की ओर से न तो प्रधानमंत्री के इस्तीफे का कोई आदेश आया है और न ही किसी नेता के खिलाफ ऐसी कोई न्यायिक कार्रवाई की गई है।
दावा-: सोशल मीडिया पर एक एआई-जनरेटेड वीडियो के थंबनेल में दावा किया जा रहा है कि सुप्रीम कोर्ट ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इस्तीफा देने का आदेश दिया है।#PIBFactCheck
— PIB Fact Check (@PIBFactCheck) February 24, 2026
❌ “Janta News TV” पेज द्वारा शेयर किया गया यह दावा पूरी तरह फर्जी है।
✅ सुप्रीम कोर्ट ने ऐसा कोई आदेश… pic.twitter.com/2vL2ThY2rq
भ्रामक कंटेंट से सावधान रहने की अपील
साइबर विशेषज्ञों और सरकारी एजेंसियों ने नागरिकों से अपील की है कि वे ऐसे सनसनीखेज थंबनेल और वीडियो को बिना जाँचे आगे न बढ़ाएँ। इस तरह के AI वीडियो लोकतंत्र और न्यायपालिका की छवि खराब करने के इरादे से बनाए जाते हैं।
फर्जी खबरों को फॉरवर्ड करना कानूनन अपराध की श्रेणी में भी आ सकता है, इसलिए किसी भी बड़ी खबर की पुष्टि हमेशा आधिकारिक स्रोतों या प्रतिष्ठित समाचार संस्थानों से ही करें।

