खामेनेई की मौत की खबर के बाद श्रीनगर में प्रदर्शन, शिया बहुल क्षेत्रों में अमेरिका-इजरायल विरोधी नारेबाजी

ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की अमेरिकी-इजरायली हमले में मौत की खबर सामने आने के बाद कश्मीर घाटी में रविवार (1 मार्च 2026) को माहौल गर्म हो गया। इस घटना के विरोध में श्रीनगर समेत कई इलाकों में प्रदर्शन शुरू हो गए।

खासतौर पर शिया बहुल क्षेत्रों में बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतरे और अमेरिका और इजरायल के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मार्च किया। प्रदर्शनकारियों ने इस हमले की कड़ी निंदा की और इसे अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन बताया।

सुरक्षा व्यवस्था सख्त, महबूबा मुफ्ती ने ईरान के लिए की दुआ

अधिकारियों के अनुसार, प्रदर्शन मुख्य रूप से शांतिपूर्ण रहे और किसी भी तरह की हिंसक घटना की सूचना नहीं मिली। हालाँकि एहतियात के तौर पर संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। पुलिस और अर्धसैनिक बलों को तैनात कर स्थिति पर करीबी नजर रखी जा रही है, ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे। स्थानीय प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों से दूर रहने की अपील की है।

इससे पहले जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री और PDP प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने भी इस घटना पर गहरी चिंता जताई थी। उन्होंने सोशल मीडिया पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए लिखा,  “ईरान और उसके मजबूत लोगों के लिए दुआ है, जो एक बार फिर इजरायल की कार्रवाई का सामना कर रहे हैं। ईरान लंबे समय से मुस्लिम दुनिया की एक अहम आवाज रहा है। उसकी ताकत उसके अटूट ईमान और दृढ़ विश्वास से आती है।”

उन्होंने आगे लिखा, “कोई भी मिसाइल या धमकी उसकी संप्रभुता को खत्म नहीं कर सकती और न ही उसके हौसले को तोड़ सकती है। अल्लाह से दुआ है कि वह ईरान की हिफाजत करे, उसके लोगों को हिम्मत और सब्र दे और उसके सर्वोच्च नेता अली खामेनई को समझदारी और मजबूती के साथ मार्गदर्शन दे।”