पहली मिस्टेक पर अकॉउंट सस्पेंड, दूसरी गलती पर लगेगा परमानेंट बैन: युद्ध के फेक AI वीडियो शेयर करने वालों को X ने दी चेतावनी, जारी की नई गाइडलाइन्स

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (ट्विटर) ने अपने ‘क्रिएटर रेवेन्यू शेयरिंग’ प्रोग्राम के नियमों में बड़ा बदलाव किया है। कंपनी के हेड ऑफ प्रोडक्ट, निकिता बियर ने हाल ही में ट्वीट कर जानकारी दी कि अब से युद्ध या सशस्त्र संघर्ष (Armed Conflict) के दौरान एआई-जनरेटेड (AI-generated) वीडियो पोस्ट करने वाले क्रिएटर्स पर कड़ी नजर रखी जाएगी।

अगर कोई क्रिएटर AI द्वारा बनाया गया युद्ध का वीडियो साझा करता है और उसके साथ यह जानकारी (Disclosure) नहीं देता कि यह वीडियो AI से बना है, तो उसे 90 दिनों के लिए कमाई के प्रोग्राम से सस्पेंड कर दिया जाएगा।

क्यों लिया गया यह सख्त फैसला?

निकिता बियर के अनुसार, युद्ध के समय लोगों तक ज़मीनी स्तर की सटीक और असली जानकारी पहुँचना बेहद ज़रूरी है। अक्सर देखा गया है कि कुछ लोग प्रोग्राम का गलत फायदा उठाने और अधिक इंगेजमेंट पाने के लिए AI की मदद से फर्जी वीडियो बना देते हैं, जो भ्रम पैदा करते हैं। एक्स का उद्देश्य टाइमलाइन पर कंटेंट की असलियत बनाए रखना और अपने रेवेन्यू शेयरिंग प्रोग्राम में किसी भी तरह की हेरफेर को रोकना है।

दोबारा गलती की तो ‘परमानेंट बैन’

कंपनी ने साफ कर दिया है कि यह चेतावनी केवल एक बार के लिए नहीं है। अगर कोई क्रिएटर पहली बार बिना खुलासे के AI वीडियो पोस्ट करता है, तो उसे 3 महीने यानी 90 दिनों के लिए रेवेन्यू शेयरिंग से बाहर किया जाएगा। लेकिन, यदि वही यूजर दोबारा इसी तरह की गलती करता पाया जाता है, तो उसे इस प्रोग्राम से हमेशा के लिए निलंबित (Permanent Suspension) कर दिया जाएगा। यानी वह भविष्य में कभी भी अपने कंटेंट से पैसे नहीं कमा पाएगा।

क्रिएटर्स के लिए नई गाइडलाइंस

अब से एक्स पर किसी भी सशस्त्र संघर्ष से जुड़ा कंटेंट डालते समय क्रिएटर्स को बेहद सावधानी बरतनी होगी। अगर वीडियो में AI का इस्तेमाल हुआ है, तो उसका स्पष्ट उल्लेख करना अनिवार्य होगा। यह नई पॉलिसी तुरंत प्रभाव से लागू कर दी गई है। एक्स का मानना है कि इस कदम से डिजिटल दुनिया में फैल रही झूठी खबरों (Fake News) पर लगाम लगेगी और दर्शकों को केवल प्रमाणित जानकारी ही मिलेगी।