इजरायल ने तेहरान में उड़ाया तेल भंडार, मिसाइल ठिकानों पर भी ताबड़तोड़ हमले: नेतन्याहू बोले- शासन को उखाड़ने का वक्त करीब

मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध के बीच बेंजामिन नेतन्याहू ने साफ कर दिया है कि ईरान के खिलाफ अमेरिका-इजरायल की सैन्य कार्रवाई अभी रुकने वाली नहीं है। शनिवार (7 मार्च 2026) को इजरायल ने तेहरान में तेल भंडारण डिपो और मिसाइल से जुड़े ठिकानों पर बड़े हमले किए। इसके बाद नेतन्याहू ने कहा कि अब सच का क्षण करीब है और ईरान की जनता को अपने मौजूदा शासन को उखाड़ फेंकना चाहिए।

इजरायली फौज ने दावा किया है कि उसने ईरान के दो सबसे अहम बैलिस्टिक मिसाइल ठिकानों को निशाना बनाया है और पहली बार राजधानी तेहरान के तेल ढाँचे पर भी हमला किया गया। इसी बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने भी कहा कि यह युद्ध अभी कुछ समय और चलेगा।

ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई में इजरायल और खाड़ी देशों की ओर मिसाइलें दागीं। हालाँकि इजरायल में बड़े नुकसान की खबर नहीं है लेकिन दुबई में एक मिसाइल हमले में एक व्यक्ति की मौत हो गई। ईरान में नागरिकों की मौत का आँकड़ा 1000 के पार पहुँच गया जबकि करीब 6000 लोग घायल हुए हैं।

तेहरान में तेल डिपो पर हमला

इजरायली सेना ने शनिवार (7 मार्च 2026) की शाम तेहरान में कई फ्यूल डिपो पर हमले की पुष्टि की। सेना का कहना है कि इन तेल टैंकों का इस्तेमाल ईरानी सैन्य ढाँचे को चलाने के लिए किया जाता था और यहीं से सेना समेत कई संस्थाओं को ईंधन सप्लाई होती थी।

ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी के मुताबिक, पश्चिमी तेहरान के कुहाक और शहरान इलाके के तेल डिपो के साथ-साथ पास के शहर करज में भी एक डिपो पर हमला हुआ। हमले के बाद आसमान में आग की ऊँची लपटें दिखाई दीं और कई इलाकों में जोरदार धमाके सुने गए।

ईरान की जनता बदलेगी सत्ता : नेतन्याहू

नेतन्याहू ने अपने वीडियो संदेश में कहा कि इजरायल के पास युद्ध के अगले चरण के लिए कई सरप्राइज हैं और इसका मकसद ईरानी शासन को अस्थिर करना है। उन्होंने सीधे ईरान की जनता से अपील करते हुए कहा कि अगर वहाँ की जनता चाहे तो मौजूदा इस्लामिक शासन को गिराया जा सकता है।

इजरायली मीडिया के मुताबिक सरकार को उम्मीद है कि ईरान के अंदर सत्ता को लेकर मतभेद बढ़ रहे हैं। राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन और रिवोल्यूशनरी गार्ड के बीच मतभेद की खबरें भी सामने आई हैं।

इस बीच ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई की युद्ध के पहले दिन मौत के बाद नया नेता चुनने की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है। माना जा रहा है कि जल्द ही नए सुप्रीम लीडर के नाम की घोषणा हो सकती है।

इधर अमेरिका और इजरायल के लगातार हमलों से ईरान की सैन्य क्षमता को बड़ा नुकसान पहुँचने का दावा किया जा रहा है लेकिन जवाबी मिसाइल हमलों से पूरे मिडिल ईस्ट में तनाव तेजी से बढ़ गया है।