दुकानों में करते हैं तोड़फोड़, कार्यक्रमों में होता है हमला: लंदन के हैरो-वेम्बली में भारतीयों को निशाना बनाने में लगे नकाबपोश, संसद में उठा मुद्दा

लंदन के वेम्बली और हैरो इलाके में भारतीय मूल के दुकानदारों और व्यापारियों के बीच इन दिनों दहशत का माहौल है। नकाबपोश उपद्रवियों के एक गिरोह ने वेम्बली में जमकर उत्पात मचाया है। सोमवार (9 मार्च) रात को ईलिंग रोड पर एक गुजराती मूल के व्यक्ति को चाकू मार दिया गया, जिसे गंभीर हालत में अस्पताल (A&E) ले जाया गया है। स्थानीय लोगों का मानना है कि यह वही गैंग है जिसने पिछले हफ्ते हैरो में होली मना रहे श्रद्धालुओं पर हमला किया था।

रेस्टोरेंट्स और दुकानों को बनाया निशाना

वेम्बली के मशहूर ‘मानेक चौक’ रेस्टोरेंट पर पिछले एक हफ्ते में दो बार (5 और 7 मार्च) हमला हुआ। चश्मदीदों के मुताबिक, करीब 15-20 नकाबपोश युवक, जो ‘थोब’ (पारंपरिक पोशाक) पहने हुए थे, अचानक रेस्टोरेंट में घुसे और बिना कुछ कहे तोड़फोड़ शुरू कर दी।

नकाबपोश बदमाशों ने मेज-कुर्सियाँ पलट दीं, लाइटें तोड़ दीं और काउंटर पर हमला किया। बीच-बचाव करने आए एक भारतीय व्यक्ति के सिर पर बोतल से वार किया गया। इसके अलावा, हैरो रोड पर ‘पनेसर फूड एंड वाइन’ के बाहर रखे फल-सब्जियों के बक्से भी सड़क पर फेंक कर बर्बाद कर दिए गए।

संसद में गूंजा मुद्दा

सांसद बॉब ब्लैक मैन ने सोमवार (9 मार्च) को ब्रिटिश संसद में इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने बताया कि हैरो में होली के उत्सव के दौरान करीब 1,000 शांतिपूर्ण श्रद्धालुओं पर हमला करने की कोशिश की गई थी। उन्होंने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि 20 हमलावरों में से अब तक सिर्फ एक की गिरफ्तारी हुई है। ब्लैक मैन ने इस घटना को ‘ठगों’ का हमला करार दिया है।

डर के साए में कारोबारी

स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि ये हमले पूरी तरह से बिना किसी उकसावे के किए जा रहे हैं। ट्रेडर्स वेम्बली में दमन और दीव के तीन युवकों को शौचालय में बेरहमी से पीटा गया। एक दुकानदार ने बताया, “ये लड़के बस आते हैं, सब कुछ तहस-नहस करते हैं, उसका वीडियो बनाते हैं और भाग जाते हैं। ऐसा लगता है जैसे उन्हें इसके लिए पैसे दिए जा रहे हों।” पुलिस के पहुँचने से पहले ही हमलावर फरार हो जाते हैं, जिससे व्यापारियों को हजारों पाउंड का नुकसान हो रहा है।