अमेरिका और ईरान के बीच तनाव अब विस्फोटक मोड़ पर पहुँच गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार (10 मार्च 2026) को ईरान को सख्त लहजे में चेतावनी दी है कि अगर उसने होर्मुज की खाड़ी में समुद्री सुरंगें (Mines) बिछाई हैं, तो उन्हें फौरन हटा लिया जाए।
ट्रंप ने दोटूक कहा कि अगर ये सुरंगें तुरंत नहीं हटाई गईं, तो ईरान को ऐसे सैन्य परिणामों का सामना करना पड़ेगा जो ‘दुनिया ने पहले कभी नहीं देखे होंगे।’ इस चेतावनी के कुछ ही देर बाद खबर आई कि अमेरिकी सेना ने 16 माइनलेयर समेत कई ईरानी नौसैनिक जहाजों को खत्म कर दिया।।
अमेरिकी एक्शन: 10 ईरानी जहाज किए गए ढेर
राष्ट्रपति ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि पिछले कुछ घंटों के भीतर अमेरिकी सेना ने ईरान के 10 ऐसे जहाजों या नावों को पूरी तरह नष्ट कर दिया है, जो समुद्र में बारूदी सुरंगें बिछाने के काम में लगे थे।
ट्रंप ने चेतावनी भरे लहजे में लिखा, “अभी और भी हमले होने बाकी हैं।” अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने भी एक वीडियो जारी कर पुष्टि की है कि वे ईरान की समुद्री ताकत को पंगु बना रहे हैं ताकि अंतरराष्ट्रीय जहाजों की आवाजाही सुरक्षित रह सके।
क्या है पूरा विवाद?
CNN की एक रिपोर्ट के अनुसार, खुफिया जानकारी मिली थी कि ईरान के ‘इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स’ (IRGC) ने होर्मुज की खाड़ी में दर्जनों बारूदी सुरंगें बिछाना शुरू कर दिया है। IRGC ने धमकी दी थी कि इस रास्ते से गुजरने वाले किसी भी जहाज, खासकर अमेरिकी और इजरायली टैंकरों पर हमला किया जाएगा।
बता दें कि होर्मुज की खाड़ी दुनिया के लिए बेहद अहम है क्योंकि वैश्विक तेल आपूर्ति का लगभग 20% हिस्सा इसी रास्ते से होकर गुजरता है। ईरान ने अमेरिकी दावों को ‘फेक न्यूज’ बताते हुए कहा है कि अमेरिका बाजारों में हेरफेर करना चाहता है।
ऑपरेशन ‘एपिक फ्यूरी’ और जमीनी सेना का विकल्प
व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने साफ कर दिया है कि अमेरिका ने ईरान में अपनी जमीनी सेना भेजने के विकल्प को खारिज नहीं किया है। उन्होंने बताया कि ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ के उद्देश्य पूरे होने तक सैन्य कार्रवाई जारी रहेगी।
इस बीच, पश्चिम एशिया में स्थिति और बिगड़ गई है। ईरान ने खाड़ी देशों जैसे UAE, सऊदी अरब, कतर और जॉर्डन में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों और नागरिक बुनियादी ढाँचों को मिसाइलों और ड्रोनों से निशाना बनाया है, जिससे वैश्विक ऊर्जा सप्लाई पर बड़ा संकट मंडरा रहा है।
ड्रग तस्करों वाली तकनीक का होगा इस्तेमाल
ट्रंप ने स्पष्ट किया है कि खाड़ी में सुरंगें बिछाने वाली किसी भी नाव को खत्म करने के लिए अमेरिका उसी मिसाइल क्षमता और तकनीक का इस्तेमाल कर रहा है, जो ड्रग तस्करों के खिलाफ इस्तेमाल की जाती है। उन्होंने ईरान को संदेश दिया कि अगर वह सुरंगें हटा लेता है, तो यह सही दिशा में एक बड़ा कदम होगा, अन्यथा उसे ‘हिंसक और त्वरित’ कार्रवाई के लिए तैयार रहना चाहिए।

