छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को पत्र लिखकर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अपमान पर कड़ा विरोध जताया है। उन्होंने कहा कि जनजातीय समाज से आने वाली देश की महिला राष्ट्रपति के साथ किया गया व्यवहार न केवल लोकतांत्रिक परंपराओं के खिलाफ है, बल्कि इससे देश और समाज की भावनाएँ भी आहत हुई हैं। मुख्यमंत्री साय ने ममता बनर्जी से इस मामले में सार्वजनिक रूप से माफी माँगने की माँग की है।
राष्ट्रपति के सम्मान को लेकर जताई नाराजगी
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अपने पत्र में लिखा कि भारत की लोकतांत्रिक परंपराएँ और शिष्टाचार हमेशा से विश्वभर में प्रशंसित रहे हैं। उन्होंने कहा कि मतभेद को कभी भी मनभेद में नहीं बदलना चाहिए और लोकतांत्रिक संस्थाओं का सम्मान बनाए रखना आवश्यक है।
साय ने आरोप लगाया कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के पश्चिम बंगाल दौरे के दौरान न्यूनतम शिष्टाचार का भी पालन नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम स्थल को मनमाने ढंग से बदलना और राष्ट्रपति को मूलभूत सुविधाओं से वंचित रखना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।
सुश्री ममताजी,
— Vishnu Deo Sai (@vishnudsai) March 11, 2026
आशा है, आप सानंद होंगी।
आपको दूसरी बार बड़े ही दुखी मन से यह पत्र लिख रहा हूं, आशा है कि आप संज्ञान लेंगी। भारत की लोकतांत्रिक परम्पराएं और शिष्टाचार हमेशा से प्रशंसित रहे हैं। यहां मतभेद को कभी भी मनभेद नहीं बनाया गया। हमें इसे अक्षुण्ण रखना चाहिए। जनजाति समाज… pic.twitter.com/fZxiqNsf6W
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि एक जनजातीय समाज से आने वाली महिला राष्ट्रपति के साथ ऐसा व्यवहार किया जाना अत्यंत पीड़ादायक है। उनके अनुसार, इससे न केवल राष्ट्रपति का बल्कि जनजातीय, दलित और पिछड़े समाज की भावनाओं को भी ठेस पहुँची है। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस से ठीक पहले इस तरह की घटना होना और भी अधिक चिंताजनक है।
ममता बनर्जी से सार्वजनिक माफी की माँग
विष्णुदेव साय ने अपने पत्र में संदेशखाली मामले का भी जिक्र करते हुए ममता बनर्जी सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पहले भी संदेशखाली कांड के दौरान जनजातीय समाज की महिलाओं के खिलाफ अपराध सामने आए थे, लेकिन उस समय भी राज्य सरकार की प्रतिक्रिया संतोषजनक नहीं रही थी।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि पश्चिम बंगाल के संथाल समाज सहित सभी समुदायों ने राज्य के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है, ऐसे में वंचित समाज के साथ दुर्व्यवहार पूरी तरह अनुचित है। उन्होंने कहा कि यह घटना राज्य की छवि को भी नुकसान पहुँचाने वाली है, क्योंकि पश्चिम बंगाल अपने ‘भद्रलोक’ संस्कारों के लिए जाना जाता है।
पत्र के अंत में साय ने ममता बनर्जी से आग्रह किया कि वे देश, समाज और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से सच्चे मन से माफी माँगें और लोकतांत्रिक संस्थाओं के प्रति सम्मान का संदेश दें। उन्होंने कहा कि ऐसा करना उनकी व्यक्तिगत छवि के लिए भी बेहतर होगा।
बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अपने पत्र में विस्तार से इस मुद्दे को उठाते हुए ममता बनर्जी से अपनी भूल स्वीकार करने और भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचने का आश्वासन देने की अपील की है।

