गाजियाबाद में आतंकी नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ है। गाजियाबाद पुलिस ने जैश ए मोहम्मद को लीड कर रहे 12वीं पास एक मौलाना समेत 6 लोगों को मसूरी से गिरफ्तार किया है।
जानकारी के मुताबिक, ये लोग वॉट्स एप ग्रुप बना कर पश्चिम यूपी के युवकों को जोड़ रहे थे। इस ग्रुप में जैश ए मोहम्मद की ट्रेनिंग के वीडियो और देश विरोधी मैसेज भेजते थे। गिरफ्तार आरोपियों में एक लॉ का छात्र और एक वकील भी शामिल है।
पुलिस डीएसपी लिपि नागाचाय ने मसूरी इंस्पेक्टर अजय चौधरी के साथ मिलकर नाहल गाँव पर छापा मारा। यहाँ सभी 6 आरोपित गिरफ्तार किए गए। गिरफ्तार लोगों में सावेज, जुनैद, फरदीन, इकराम अली, फजरू और जावेद शामिल है। सावेज मस्जिद का मौलाना रहा हुआ है और इस ग्रुप का एडमिन है।
पूछताछ में सावेज ने बताया कि वह 12वीं पास है और किराने की दुकान में फिलहाल काम करता है। वह पहले नाहल मस्जिद का मौलाना था। उसका कहना है कि पिछले कुछ समय से वह फेसबुक और इंस्टाग्राम चला रहा है जिसमें उसे मुस्लिम समुदाय पर ‘जुल्म’ की खबरें दिख रही थी। इसलिए उसने वॉट्सएप ग्रुप बनाया ताकि ‘अपने लोगों’ को जागरूक कर सके।
पकड़े गए लोगों में इकराम अली भी शामिल है, जिसकी अम्मी साहिदा बांग्लादेश की है। पुलिस अब उसकी अम्मी की भी जाँच कर रही है। इकराम खुद को वकील बताता है।
पुलिस के मुताबिक, ये लोग जैश ए मोहम्मद के फरातुल्ला गौरी ग्रुप को फॉलो करते थे। अब इन सभी के फोन खंगाले जा रहे हैं ताकि इनके अन्य चैट और कनेक्शन का पता चल सके।

