उत्तर प्रदेश के रायबरेली जिले से अंतरधार्मिक विवाह का एक मामला सामने आया है, जो इलाके में चर्चा का विषय बन गया है। यहाँ लालगंज कोतवाली क्षेत्र के सेमरपहा गाँव की रहने वाली आयमन अहमद ने अपने प्रेमी शिवम के साथ हिंदू रीति-रिवाज से विवाह कर लिया।
यह शादी ऐहार स्थित बाबा बालेश्वर धाम मंदिर में विधि-विधान के साथ संपन्न हुई। शादी के बाद युवती ने हिंदू धर्म अपनाकर अपना नाम कृतिका रख लिया। दोनों ने मंदिर में पूजा-अर्चना की और एक-दूसरे को जयमाल पहनाकर सात फेरे लिए।
5 साल की दोस्ती प्यार में बदली, मंदिर में लिए सात फेरे
बताया जा रहा है कि आयमन और शिवम एक-दूसरे को करीब पाँच साल से जानते थे। दोनों के बीच पहले दोस्ती हुई और धीरे-धीरे यह रिश्ता प्यार में बदल गया। समय के साथ दोनों ने शादी करने का फैसला कर लिया।
दोनों ने ऐहार स्थित बाबा बालेश्वर धाम मंदिर में हिंदू परंपरा के अनुसार विवाह किया। पुरोहित की मौजूदगी में अग्नि को साक्षी मानकर सात फेरे लिए और जीवनभर साथ निभाने का वादा किया। इस मौके पर परिवार के लोग, रिश्तेदार और दोस्त भी मौजूद रहे। सभी ने नवविवाहित जोड़े को आशीर्वाद दिया। शादी के बाद दोनों ने मंदिर परिसर में फोटो भी खिंचवाई।
शादी के बाद आयमन बनी कृतिका
शादी के बाद आयमन ने हिंदू धर्म अपनाते हुए अपना नाम बदलकर कृतिका रख लिया। कृतिका ने बताया कि वह शिवम को पिछले पाँच साल से जानती हैं और उससे बहुत प्यार करती हैं। उनका रिश्ता दोस्ती से शुरू हुआ था, लेकिन समय के साथ यह गहरे प्रेम में बदल गया।
कृतिका ने कहा कि उन्होंने हिंदू रीति-रिवाज से शादी इसलिए की क्योंकि उसे शिवम के परिवार की परंपराएँ पसंद हैं और वह उस परिवार में पूरी तरह घुलमिल जाना चाहती हैं। उसने कहा कि नाम बदलना भी उन्हें अच्छा लगा क्योंकि वह इसे अपने जीवन की नई शुरुआत मानती हैं।
कृतिका के मुताबिक दोनों परिवार इस रिश्ते के साथ खड़े हैं। शादी के बाद दोनों ने मंदिर में पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद लिया और साथ में खुशहाल जीवन बिताने की बात कही।

