‘वह मरा नहीं, लेकिन हमने उसे घायल कर दिया है’: ईरान के नए सुप्रीम लीडर को लेकर ट्रंप का बयान, खामेनेई की बीवी को लेकर भी खबरें- वह अभी जिंदा है

ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई की सेहत को लेकर पूरी दुनिया में सस्पेंस गहरा गया है। इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बयान देकर खलबली मचा दी है। ट्रंप ने दावा किया है कि मोजतबा खामेनेई अभी जिंदा हैं, लेकिन वे ‘किसी न किसी रूप में’ बहुत ज्यादा घायल हो सकते हैं।

यह बयान ऐसे समय में आया है जब मोजतबा ने कार्यभार संभालने के बाद अपना पहला संदेश तो जारी किया, लेकिन वे खुद कैमरे के सामने नहीं आए। दूसरी ओर, उनकी अम्मी और पूर्व सुप्रीम लीडर की बीवी मंसूरे खोजस्ते बागेरजादेह की मौत की खबरें गलत साबित हुई हैं। वह गंभीर रूप से घायल हैं लेकिन जिंदा हैं।

मोजतबा की टांग कटी और पेट में गंभीर चोटें

मोजतबा खामेनेई के सार्वजनिक रूप से सामने न आने के बाद उनकी हालत को लेकर कई डराने वाली रिपोर्टें सामने आ रही हैं। ब्रिटिश अखबार ‘द सन‘ के मुताबिक, 28 फरवरी के हमले में मोजतबा की एक टांग काटनी पड़ी है और उनके लीवर और पेट में गंभीर चोटें आई हैं। कुछ रिपोर्ट्स में तो उनके कोमा में होने तक का दावा किया गया है। राष्ट्रपति ट्रंप ने भी फॉक्स न्यूज रेडियो को दिए इंटरव्यू में कहा, “मुझे लगता है कि मोजतबा को काफी नुकसान (Damaged) पहुँचा है, लेकिन वह शायद जिंदा हैं।”

कैमरे के पीछे से मोजतबा का पहला संदेश

ईरान के सरकारी टीवी पर गुरुवार (12 मार्च) को मोजतबा खामेनेई का पहला आधिकारिक बयान आया। हैरान करने वाली बात यह रही कि वे खुद वीडियो में नहीं दिखे, बल्कि एक न्यूज एंकर ने उनका संदेश पढ़कर सुनाया। मोजतबा ने अमेरिका और इजरायल को सीधी चुनौती देते हुए कहा कि ‘शहीदों के खून’ का बदला लिया जाएगा। उन्होंने खाड़ी देशों को चेतावनी दी कि वे अपने यहाँ मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को तुरंत बंद करें, वरना उन्हें निशाना बनाया जा सकता है।

सुप्रीम लीडर की बीवी पर खुलासा

बीते कुछ दिनों से खबरें उड़ रही थीं कि इजरायली हमले में पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की बीवी मंसूरे खोजस्ते बागेरजादेह की मौत हो गई है। लेकिन अब ईरानी मीडिया (Fars News) ने इसकी सच्चाई बताई है। रिपोर्ट्स के अनुसार, 28 फरवरी को तेहरान में हुए मिसाइल हमलों में वे बुरी तरह घायल जरूर हुई थीं, लेकिन वे अभी जिंदा हैं और सुरक्षित स्थान पर उनका इलाज चल रहा है।

कैसे हुआ था यह भीषण हमला?

बता दें कि 28 फरवरी 2026 को अमेरिका और इजरायल ने ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ के तहत तेहरान में एक सुरक्षा सम्मेलन को निशाना बनाया था। बंकर-बस्टर बमों के जरिए किए गए इस हमले में तत्कालीन सुप्रीम लीडर अली खामेनेई और उनके परिवार के कई सदस्य मारे गए थे। इसी हमले के बाद मोजतबा को नया लीडर चुना गया था, जो फिलहाल सिना यूनिवर्सिटी अस्पताल में कड़ी सुरक्षा के बीच जिंदगी और मौत की जंग लड़ रहे हैं।