UK, जापान और ऑस्ट्रेलिया ने अमेरिकी राष्ट्रपति की पेशकश ठुकराई: हॉर्मूज स्ट्रेट को खोलने के लिए लगाई थी मदद की गुहार

ईरान युद्ध की वजह से अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को काफी शर्मिंदगी उठानी पड़ी है। पहले इंग्लैंड के एयरक्राफ्ट कैरियर भेजने के प्रस्ताव को ठुकरा दिया था। अब ऑस्ट्रेलिया और जापान ने हॉर्मूज स्ट्रेट को खोलने में मदद की राष्ट्रपति ट्रंप की अपील को ठुकरा दिया है। ट्रंप ने चीन, फ्रांस, जापान, दक्षिण कोरिया, UK और दूसरे देशों से अपील की थी कि वे होर्मुज स्ट्रेट में ईरान की नाकेबंदी हटाने के लिए अपने वॉरशिप भेजें।

अमेरिका आग्रह पर ऑस्ट्रेलिया की परिवहन मंत्री कैथरीन किंग ने कहा, “देखिए, हम बिलकुल साफ कह रहे हैं। अब तक UAE के रक्षा कार्यों में मदद के लिए विमान उपलब्ध कराया है क्योंकि वहाँ ऑस्ट्रेलियाई नागरिक मौजूद हैं। लेकिन, हम होर्मुज जलडमरूमध्य में कोई जहाज नहीं भेजेंगे।”

इस बीच, जापान की सत्ताधारी पार्टी LDP के एक टॉप नेता तकायुकी कोबायाशी ने भी इस बात की पुष्टि की है कि किसी युद्ध क्षेत्र में ‘सेल्फ-डिफेंस फोर्सेज’ को तैनात करना आसान नहीं होता। जापान ने भी ट्रंप के अनुरोध को ठुकरा दिया है। हालाँकि जापान के लिए ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ काफी अहम है, क्योंकि इसके तेल आयात का करीब 70% हिस्सा इससे होकर गुजरता है।

इससे पहले यूके भी अपनी सेना भेजने से पीछे हट गया। वहाँ के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने ट्रंप से कहा है कि UK, ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ में अपनी ‘रॉयल ​​नेवी डिस्ट्रॉयर्स’ (युद्धपोतों) को भेजने के लिए तैयार नहीं है।

UK के ऊर्जा सचिव एड मिलिबैंड ने कहा, “ऐसे कई अलग-अलग तरीके हैं, जिनसे हम अपना योगदान दे सकते हैं, जिनमें ‘माइन-हंटिंग ड्रोन’ (बारूदी सुरंगों का पता लगाने वाले ड्रोन) का इस्तेमाल भी शामिल है… लेकिन हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि हम इस संकट को और ज्यादा न बढ़ाएँ।”